राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने की समीक्षा
रतलाम । कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम द्वारा जिले के राजस्व विभाग की कार्यशैली में और कसावट लाने की दृष्टि से निरंतर साप्ताहिक बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। बैठकों में कलेक्टर द्वारा नियमित समीक्षा करते हुए राजस्व संबंधी बिंदुओं पर मॉनिटरिंग की जा रही है। इस क्रम में शनिवार को भी सुबह कलेक्ट्रेट कक्ष में कलेक्टर द्वारा बैठक आयोजित की गई जिसमें अपर कलेक्टर श्री एम.एल. आर्य, सिटी एसडीएम श्री राजेश शुक्ला, डिप्टी कलेक्टर सुश्री कृतिका भीमावद, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री एस.एच. चौधरी, तहसीलदारश्री गोपाल सोनी, एसएलआर श्री रमेश सिसोदिया, श्री एम.एस. बारस्कर, तहसीलदार ग्रामीण श्रीमती अनीता चोकोटिया, नायब तहसीलदार श्री मनोज चौहान आदि उपस्थित थे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री पुरुषोत्तम ने कहा कि जिले के बाजना क्षेत्र से शिकायत आ रही है कि कुछ पटवारियों द्वारा जानबूझकर किसी व्यक्ति विशेष की भूमि पर अन्य व्यक्तियों का कब्जा दस्तावेज में लिख दिया जा रहा है, इससे वहां लोगों में आपसी विवाद पैदा हो रहा है। इस प्रकार की गड़बड़ी अक्षम्य है। पटवारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम सैलाना श्रीमती कामिनी ठाकुर को निर्देशित किया कि उन पटवारियों को चिन्हित किया जाए और एक सप्ताह में रिपोर्ट जिला स्तर पर प्रेषित की जाए।
बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी श्री चौधरी द्वारा गेहूं, चना, सरसों, मसूर के लिए 5 मार्च तक लगातार चलने वाले किसान पंजीयन कार्य की जानकारी दी गई। तहसीलदारों से कहा गया कि 2 हेक्टेयर से ज्यादा रखने वाले किसानों का सत्यापन करना है। बताया गया कि जिले में अब तक 18 हजार किसानों का पंजीयन हुआ है। कलेक्टर श्री पुरुषोत्तम द्वारा प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना में पेंडेंसी की विशेष रूप से समीक्षा की गई। जावरा तहसीलदार श्री मृगेंद्र सिसोदिया द्वारा दी गई जानकारी से कलेक्टर असंतुष्ट रहे। तहसीलदार को ठीक ढंग से कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। कलेक्टर द्वारा राजस्व वसूली की समीक्षा भी की गई। आगामी 15 मार्च तक के लिए तहसीलदारों को नए सिरे से लक्ष्य निर्धारित किए गए। धारणाधिकार तथा आबादी सर्वे की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना के संबंध में जारी नए दिशा निर्देशों से तहसीलदारों को अवगत कराया जिसमें बताया गया कि आगामी 30 जून आवेदन की अंतिम तिथि है। राज्य शासन द्वारा जारी समयबद्ध कार्यक्रम से तहसीलदारों को अवगत कराते हुए समय सीमा में कार्य के लिए निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान की मंशानुसार कलेक्टर द्वारा सभी एसडीएम तथा तहसीलदारों को राशन की दुकानों का सतत निरीक्षण करने तथा राशन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। फसल मुआवजा वितरण की समीक्षा के दौरान जावरा एसडीएम श्री हिमांशु प्रजापति द्वारा बताया गया कि पेंडेंसी के तहत कुछ किसानों के अकाउंट नंबर प्राप्त नहीं हुए हैं तथा कुछ किसान मुआवजा नहीं लेना चाहते हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जो किसान मुआवजा नहीं लेना चाहते हैं, यह उनसे लिखित में प्राप्त किया जाए।
जिले के तहसील कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाओं, मरम्मत इत्यादि कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपए प्रत्येक तहसीलदार को उपलब्ध कराए गए हैं। कलेक्टर द्वारा की गई समीक्षा में तहसीलदारों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा तहसील कार्यालयों में इलेक्ट्रिक मरम्मत, इनवर्टर बैटरी, पेयजल, वाटर कूलर, रंगाई पुताई, टेबल कुर्सियां, फर्नीचर, पर्दे, सूचना पटल तथा अन्य आवश्यक कार्यों पर उक्त अनुरक्षण खर्चे राशि व्यय की जा रही है। बैठक में कलेक्टर द्वारा विधानसभा प्रश्नों के जवाब आगामी 28 फरवरी तक शत-प्रतिशत रूप से प्रेषित करने के लिए सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया।