अयोध्यापुरम तीर्थ की सालगिरह पर लहराई ध्वजा

सम्पूर्ण मालवा से पहुँचे भक्त

रतलाम। गुजरात के गौरव अयोध्यापुरम तीर्थ की 19 वीं सालगिरह उत्साह -उल्लास और उत्सव से परिपूर्ण भक्तिमय माहौल में मनाई गई। देरासर जी के शिखर पर विधिविधान के साथ ध्वजा चढाई गई। तीर्थ प्रेरक-मार्गदर्शक आचार्य श्री बंधु बेलड़ी की निश्रा में सम्पन्न दो दिवसीय महोत्सव में मालवा से रतलाम,सैलाना, इंदौर सहित देश विदेश से बड़ी संख्या में भक्त पहुँचे।
उत्सव की शुरुआत मूलनायक दादा आदिनाथ जी के 18 अभिषेक के साथ हुई। भक्तजनों के साथ गुरुकुल के विधार्थियों ने भक्तिभाव के साथ अभिषेक किया । आचार्य श्री बंधु बेलड़ी एवं साधू साध्वी जी भगवंत की निश्रा में भव्य ध्वजा यात्रा निकली गई।
भव्य ध्वज यात्रा के देरासर जी पहुंचने पर विधिविधान के साथ ध्वजा का पूजन किया गया। मंगलमय मुहूर्त में जयघोष के बीच जैसे ही ध्वजा देरासर जी के शिखर पर लहराई सम्पूर्ण वातावरण हर्षध्वनी से गूंज उठा। इसी के साथ देरासर जी परिसर में स्थित 24 तीर्थंकर परमात्मा के मातृ पितृ वात्सल्य मन्दिर की 8 वीं सालगिरह भी पूजन व ध्वजारोहण कर मनाई गई।
इस अवसर पर व्याख्यान में श्री बंधु बेलड़ी के शिष्यरत्न गणिवर्य श्री आनंदचन्द्रसागर जी म.सा. ने तीर्थ की विकास यात्रा को बताया। कायमी ध्वजा के लाभार्थी श्री कांताबेन चंदुभाई केशवलाल वोरा परिवार (केन्या) रहे।

रतलाम। गुजरात के गौरव अयोध्यापुरम तीर्थ की 19 वीं सालगिरह उत्साह -उल्लास और उत्सव से परिपूर्ण भक्तिमय माहौल में मनाई गई। देरासर जी के शिखर पर विधिविधान के साथ ध्वजा चढाई गई। तीर्थ प्रेरक-मार्गदर्शक आचार्य श्री बंधु बेलड़ी की निश्रा में सम्पन्न दो दिवसीय महोत्सव में मालवा से रतलाम,सैलाना, इंदौर सहित देश विदेश से बड़ी संख्या में भक्त पहुँचे।
उत्सव की शुरुआत मूलनायक दादा आदिनाथ जी के 18 अभिषेक के साथ हुई। भक्तजनों के साथ गुरुकुल के विधार्थियों ने भक्तिभाव के साथ अभिषेक किया । आचार्य श्री बंधु बेलड़ी एवं साधू साध्वी जी भगवंत की निश्रा में भव्य ध्वजा यात्रा निकली गई।
भव्य ध्वज यात्रा के देरासर जी पहुंचने पर विधिविधान के साथ ध्वजा का पूजन किया गया। मंगलमय मुहूर्त में जयघोष के बीच जैसे ही ध्वजा देरासर जी के शिखर पर लहराई सम्पूर्ण वातावरण हर्षध्वनी से गूंज उठा। इसी के साथ देरासर जी परिसर में स्थित 24 तीर्थंकर परमात्मा के मातृ पितृ वात्सल्य मन्दिर की 8 वीं सालगिरह भी पूजन व ध्वजारोहण कर मनाई गई।
इस अवसर पर व्याख्यान में श्री बंधु बेलड़ी के शिष्यरत्न गणिवर्य श्री आनंदचन्द्रसागर जी म.सा. ने तीर्थ की विकास यात्रा को बताया। कायमी ध्वजा के लाभार्थी श्री कांताबेन चंदुभाई केशवलाल वोरा परिवार (केन्या) रहे।

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