अवयस्क अभियोक्त्री के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवनकाल तक) एवं अर्थदण्ड

जावरा न्यायालय श्रीमान (मोहित कुमार) विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम (म.प्र.) के द्वारा जघन्य एवं सनसनीखेज चिन्हित श्रेणी के प्रकरण में निर्णय दिनांक 28.02.2022 को अभियुक्त बाबूलाल पिता भागीरथ पाटीदार उम्र 55 साल नि. थाना अंतर्गत कालूखेडा जिला रतलाम म.प्र. को धारा 376(2)आई भादवि में आजीवन कठोर कारावास जो शेष प्राकृत जीवन काल तक के लिये व 5000/- रूपये अर्थदण्ड तथा धारा 506बी भादवि में 3 वर्ष का कठोर कारावास व 500/- रुपए अर्थदंड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विजय पारस विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम ने बताया कि दिनांक 10.03.2018 को 12 वर्षीय अवयस्क अभियोक्त्री ने अपने दादा-दादी के साथ थाना स्टेशन रोड रतलाम पर उपस्थित होकर घटना बताई कि करीब 6 माह पूर्व वह अपने भेसों के बाडे मे गयी थी तभी आरोपी बाबुलाल आया और उससे बोला की मेरे लिये सेव(नमकीन) लेकर आ जा तो वह किराने की दुकान से सेव लेकर बाबुलाल को देने उसके घर गयी थी। तभी बाबुलाल ने उसका हाथ पकडकर उसे कमरे में ले जाकर जबरदस्ती उसके साथ लैंगिक दुष्कर्म किया। बाबुलाल ने उसेे धमकी दी थी कि अगर यह बात किसी को बताई तो वह उसे व उसके परिवार को जान से खत्म कर देगा। इस धमकी के डर के कारण अपने साथ हुई घटना के बारे में किसी को नही बताया। पेट दर्द होने पर अभियेाक्त्री को उसके दादा-दादी अस्पताल लेकर आये जहां उन्हे अभियोक्त्री के गर्भवती होने का पता चला, तब अभियोक्त्री ने अपने साथ हुई घटना दादा-दादी को बताई व उनके साथ थाना स्टेशन रोड रतलाम में रिपोर्ट करने आई।
थाना स्टेशन रोड रतलाम पर अभियोक्त्री द्वारा बताई गई घटना पर से आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र. 0x3/2018 धारा 376 भादवि 5जे(ii)/6 पॉक्सो एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर घटना स्थल थाना अंतर्गत कालूखेडा होने से असल प्रकरण पंजीबद्ध करने हेतु थाना कालूखेडा भेजा गया। थाना कालूखेडा पर असल अपराध क्र. 30/2018 दिनांक 11.03.2018 को धारा 376 भादवि 5जे(ii)/6 पॉक्सो एक्ट का आरोपी बाबूलाल पाटीदार के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान पीड़िता का मेडीकल परीक्षण कराया गया तथा दिनांक 11.03.18 को आरोपी बाबुलाल को गिरफ्तार किया जाकर उसका मेडीकल परीक्षण कराया गया एवं अभियोक्त्री एवं आरोपी का ब्लड सेम्पल लिया गया। अभियोक्त्री ने दिनांक 24.04.2018 को नवजात शिशु को जन्म दिया जिसकी अगले दिन मृत्यु हो गई। अभियोक्त्री, आरोपी के ब्लड सेम्पल तथा मृत शिशु के मेडिकली भौतिक साक्ष्य को डीएनए जांच हेतु भेजकर डीएनए परीक्षण करवाया गया। जिसकी जांच रिपोर्ट अनुसार आरोपी को ही मृत शिशु का जैविक पिता व अभियोक्त्री को जैविक माता होना पाया गया। आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र दिनांक 15.05.2018 को माननीय विशेष न्यायालय में आरोपी बाबुलाल के विरूद्ध 376(2)आई, भादवि व 5एम/6 पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
माननीय विचारण न्यायालय में अभियोजन की ओर से कुल 35 साक्षियों में 18 साक्षियों को अपने समर्थन में परीक्षित कराया गया एवं घटना को प्रमाणित करने हेतु मौखिक, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य तथा लिखित बहस प्रस्तुत कर आरोपी को आरोपित धाराओ में उल्लेखित अधिकतम दंड से दंडित किये जाने के तर्क प्रस्तुत किये गये।
माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य से घटना को प्रमाणित मानते हुये अभियुक्त बाबूलाल को दोषसिद्ध किया गया। प्रकरण की सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री विजय पारस जावरा जिला रतलाम द्वारा की गयी।

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