जावरा (अभय सुराणा) । महिलाएं स्वावलंबी एवं आत्म निर्भर बना कर राष्ट्रीय विकास में अपनी सहभागिता प्रदान करें इसके लिए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं लागू की गई है महिला इसका लाभ उठाकर घर परिवार एवं को आर्थिक रूप से सक्षम बना सकती है उक्त विचार समाजसेवी एवं पत्रकार अभय कोठारी ने नेहरू युवा केंद्र द्वारा मिताली फैशन व कला संस्था सौजन्य से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर परीक्षार्थियों को पुरस्कृत करते हुए व्यक्त किया अपने महिला दिवस शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं के द्वारा राष्ट्रीय विकास में दिए जाने वाले योगदान का उल्लेख किया तथा उदाहरण देते हुए कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने राज्य के राजस्व बढ़ाने के लिए महेश्वर की साड़ियों को प्रसिद्ध प्रदान की कार्यक्रम में नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी श्री सौरभ श्रीवास्तव ने नेहरू युवा केंद्र द्वारा महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया तथा बताया कि महिलाओं को स्वयलभीन बनाने को एवं उनके कौशल विकास के लिए संचालित की जा रही योजनाओं का उल्लेख किया साथ ही अपने प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभव काथान प्राप्त किए जिसमें सभी विद्यार्थीयों द्वारा प्रशिक्षिका मिताली जी राठौर के कार्य की सराहना की व आगामी समय में इसी प्रकार की अन्य योजनाएं संचालित करने की जानकारी प्रदान की कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कार्यक्रम की शुरुआत हुई कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए जिसमे महत्वपूर्ण सहयोग मिताली जी राठौर, अमन सिसोदिया, विशाल माथुर, राधा जी राठौर, मधुबाला जी राठौर निकिता धाकड़, सपना धाकड़ नेहा माली इत्यादि का रहा।
उल्लेखनीय है कि नेहरू युवा केन्द्र रतलाम ब्लॉक जावरा द्वारा मिताली फैशन व कला संस्था के माध्यम से 3 माह का निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण दिया गया जिसमें महिलाओं व बालिकाओं को बेसिक सिलाई, सलवार शूट, ब्लाउज़, लहँगे, डिज़ाइनर टॉप, डिज़ाइनर गाउन इत्यादि, का प्रशिक्षण दिया व महिलाओं व बालिकाओं को आगे बड़ने व स्व-रोजगार करने, सक्षम होने के लिए उत्साहित किया जिसके सफलत्तम 3 माह समाप्त होने पर सभी बालिकाओं व महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
उक्त आयोजन स्वामी विवेकानंद स्कूल में संपन्न हुआ कार्यक्रम का आयोजन, संचालन अमन सिसोदिया एवं आभार प्रशिक्षिका मिताली जी राठौर ने किया।