भारतीय स्त्री शक्ति रतलाम इकाई द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अनूठी प्रशंसनीय और सराहनीय पहल

हर भारतीय नारी स्त्री शक्ति स्वयं से जुड़कर परिवार समाज देश को संगठित करने की नींव रखें – विद्या देवी व्यास

रतलाम । भारतीय स्त्री शक्ति संगठन की सदस्याओं ने घरों में कार्य करने वाली आर्थिक रूप से कमजोर सहायिकाओं को सम्मानित किया जो अपनी संतान को आत्मनिर्भर बना कर परिवार की बागडोर बखूबी संभाल रही हैं इस भावुक और यादगार पल ने उन बहनों के साथ ही उपस्थित पूरी टीम की आंखों को खुशी मिश्रित अश्रु से भर दिया.सहायिका आशा ताई कार्लेकर और शांति दीदी डोडियार के साथ ही उनकी बिटिया कुमारी सिमरन को भी सम्मानित किया गया जो वर्तमान में 12वीं की परीक्षा देकर सीए की तैयारी कर रही है तीनों ने अपने संघर्ष की मार्मिक कहानी स्वयं की जुबानी सुनाई।
कार्यक्रम के शुभारंभ में अतिथी गणों ने सरस्वती जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया सुमधुर सरस्वती वंदना के बाद स्त्री संगठन का गीत प्रस्तुत कर प्रान्तीय कार्यकर्ता वैशाली व्याघ्राम्बरे ने संस्था की भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर श्रीमती सविता जी तिवारी को भी अपने सुपुत्र का बिना दहेज आदर्श विवाह करने हेतु सम्मानित किया गया उनके पुत्र का विवाह बिना दहेज के संपन्न हुआ और समाज से दहेज जैसी कुरीति को दूर करने की प्रेरणा बना यह विवाह सिर्फ कुमकुम कन्या को अपनाने की मिसाल बना ।
इस अवसर पर 81 वर्षीय विदुषी महिला श्रीमती विद्या देवी व्यास जिन्होंने 56 वर्ष की आयु में लेखन कार्य शुरू कर पिछले दिनों 81 वर्ष की उम्र में उनकी स्वलिखित पुस्तक साहित्यिक गुलदस्ता प्रकाशित हुई जिसने यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी उम्र में अपनी रूचि के अनुसार कैरियर बना सकती है विशेष तौर पर पतंजलि योग प्रशिक्षिका श्रीमती विमलेश वर्मा ने औषधीय पेड़ इंसुलिन प्लांट शुगर पौंधा भेंट कर उपस्थित महिला स्त्री शक्ति को अपनी भारतीय सभ्यता संस्कृति ऋषि परम्परा को पुनर्जीवित करने योग आयुर्वेद स्वदेशी अपनाने प्रकृति पर्यावरण संरक्षण संवर्धन का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि श्रीमती प्रतिमा जी सोनटक्के दीदी जो कि वर्तमान में मध्य प्रदेश शासन के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में उपयंत्री पद पर कार्यरत हैं ने की उन्होंने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में नारी को स्वतंत्रता के सही अर्थ से अवगत कराया साथ ही बच्चों में अनुशासन और संस्कार के गुण मां द्वारा ही आते हैं अतः परिवार के माहौल को शुद्ध व पवित्र बनाने और टीवी मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से बाल मन पर होने वाले दुष्प्रभाव बताए सविता जी तिवारी ने महिलाओं को कैरियर के साथ ही परिवार संभालने की दोहरी जिम्मेदारी निभाने का भी महत्व समझाया विद्यादेवी जी व्यास ने विभिन्न महापुरुषों द्वारा नारी शक्ति को समर्पित वाक्य सुनाएं और स्त्री के मनोबल को मजबूत किया।
कार्यक्रम का सुचारू और व्यवस्थित संचालन रश्मि व्यास ने किया.सारिका शर्मा और सीमा तोमर ने कार्यक्रम की पूर्व तैयारी में सहयोग प्रदान किया श्रीमती मंदाकिनी व्याघ्राम्बरे के निवास पर यह कार्यक्रम संपन्न हुआ. श्रीमती सुनंदा पंडित,सुनीता साखी और श्वेता पंड्या ने आमंत्रित मुख्य अतिथि और सम्माननीय महिलाओं का पुष्प हार से स्वागत किया इस अवसर पर वैदेही कोठारी,कृष्णा श्रोत्री, प्रेमलता पोरवाल,हेमलता शर्मा, रेखा शर्मा,किरण चौहान और नीतू गोयल के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम समापन श्रीमती प्रियंका व्यास द्वारा उपस्थित अतिथियों और समस्त मातृशक्ति का आभार प्रदर्शन किया गया ।

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