नामली महाविद्यालय विद्यार्थियों ने रतलाम मूर्तियों स्थापत्यकला बावड़ियों का विशेष अध्ययन किया गया

सभ्यता संस्कृति को सहेजने में प्रत्येक भारतीय नागरिक का परम कर्तव्य योगदान हों

रतलाम। शिक्षा सदैव जीवन में ज्ञानवान बनाने के साथ कौशलता से भी जोड़कर रखतीं हैं स्वयं के अध्यन के साथ-साथ समाज सभ्यता संस्कृति से भी हर पल-क्षण कुछ नया सिखने जानने को मिलता रहता है इसी और शासकीय महाविद्यालय नामली जिला रतलाम से बावड़ियों के ऊपर शोध कार्य सहित रतलाम रियासत काल के राज महल सहित पुरातत्व का विशेष अध्ययन करने हेतु महाविद्यालय के विद्यार्थियों का एक जत्था रतलाम में आया जिसमें मुख्य भूमिका में समाजसेवी पतंजलि युवा भारत जिला प्रभारी विशाल कुमार वर्मा जिला यज्ञ प्रभारी पं. संजय शिव शंकर दवे के कुशल नेतृत्व मार्गदर्शन में समस्त विद्यार्थियों को पुरातत्व के विषय पर प्रशिक्षण दिया बावड़ियों की महत्वता के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी अवगत कराई गई किस तरहां रतलाम जिले में पानी का अभाव रहा करता था इसी को देखते हुए जगह-जगह बावड़ियों का निर्माण किया गया जिससे भविष्य में पानी की समस्या ना आएं आज जिला प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों सामाजिक संगठनों को भी हमारी भारतीय संस्कृति धरोहरों को सहेजने जागरूक होकर संरक्षण संवर्धन का हर-संभव प्रयास करते रहना चाहिए ।
वही शहर के मध्य भव्य दिव्य अष्टधातुओं से बने ग़ुलाब चक्कर संग्रहालय जिसका वर्तमान में जिर्णोद्धार हों रहा है सुरक्षित संरक्षित जिला प्रशासन पुरातत्व विभाग के सहयोग से म.प्र. जन अभियान परिषद् जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ग्रामीण रिडर संजय जैन गोविंद खरत नेहरू युवा केंद्र के अमन माहेश्वरी मार्गदर्शक जिला पुरातत्व संग्राहक अश्विन कुमार शुक्ला जी द्वारा पुराने कलेक्ट्रेट में रखी मूर्तियों का विशेष निरीक्षण परिक्षण अध्यन करवाया गया जिसे जानकर विद्यार्थियों ने गौरवान्वित महसूस किया।
रतलाम की अधिकांश बावड़ियों झाली तालाब महालक्ष्मी मंदिर प्रांगण स्थित बावड़ी दो मुखी बावड़ी, दंडी स्वामी मठ न्यायालय परिसर, काशी विश्वनाथ,सांई मंदिर शास्त्री नगर, उकाला रोड़ खड़े गणपति, हाकीमवाडा, गंगा सागर तालाब, हनुमान ताल, अधिकतम ऐसी कई बावड़ियों का समस्त विद्यार्थियों को अवलोकन कराया तथा उसके विशेष महत्व से सभी को रूबरू परिचय कराया ।
इस अवसर पर उर्जावान विद्यार्थियों ने पुरातत्व की जानकारी प्राप्त करते हुए पुराने कलेक्ट्रेट परिसर में अंकुर महाअभियान के तहत सामूहिक रूप प्रकृति पर्यावरण संरक्षण संवर्धन संकल्प लिए वृक्षारोपण अशोक के पौधों इंसुलिन प्लांट शुगर पौंधा अन्य औषधीय पौधें रोपण किया गया ।
महाविद्यालय से जितेंद्र गेहलोत विनोद चौधरी भेरुसिंग सिसोदिया धिरज व्यास जितेंद्र चौधरी कुनाल गेहलोद सुनिल मईडा संतोष चौहान कृष्णकांत जाट कुशाल सिंह अरुण वसुनिया अन्य उपस्थित सभी विद्यार्थियों द्वारा नामली महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ एस.सी जैन इतिहास प्रोफेसर डॉ किर्ती भारद्वाज की और से आभार व्यक्त कर आगे भी हरसंभव सहयोग की अपेक्षा की।