
सम्मेदशिखर जी । जैन धर्म का सबसे बड़ा तीर्थ तीर्थराज सम्मेद शिखर जी पारसनाथ पर्वत के स्वर्णभद्र कूट पर इस भीषण गर्मी के मौसम में प्रातः स्मरणीय अंतर्मना प्रसन्न सागर जी महाराज की घोर तपस्या में साधना रत है। ज्ञात हो कि आचार्य श्री अपनी सिंहनिष्क्रिय ब्रत 596 दिन की साधना में है जिसमे 61 पारणा कर 23 जनवरी 2023 तक करेंगे । अभी आचार्य भगवन पहाड़ पर विगत 24 दिनों से साधना करते हुवे आज 23 मार्च 2022 को 40 डिग्री गर्मी के मौसम में केश लोच कर अपनी तपस्या कर रहे है आचार्य श्री की अगली पारणा 31 मार्च 2022 को स्वर्णभद्र कूट पर होगी । उक्त जानकारी राज कुमार जैन अजमेरा, मनीष सेठी कोडरमा ने दी।