रतलाम । जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। जनसुनवाई में कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम, अपर कलेक्टर श्री एम.एल. आर्य, द्वारा 54 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभाग को निराकरण के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जनसुनवाई में नामली निवासी नारायण पिता लक्ष्मण ने अपने आवेदन में बताया कि प्रार्थी द्वारा पूर्व में स्टेट बैंक शाखा नामली से ऋण प्राप्त किया गया था और ऋण का भुगतान भी कर दिया गया है। वर्तमान में प्रार्थी को और ऋण की आवश्यकता होने पर प्रार्थी द्वारा बैंक में आवेदन दिया गया परन्तु बैंक द्वारा सिविल खराब बताई जाकर ऋण देने से से इंकार किया जा रहा है। प्रकरण निराकरण के लिए संबधित विभाग को भेजा गया है। ग्राम बिलपांक निवासी सरिता पति लखन ने बताया कि प्रार्थिया द्वारा जनपद कार्यालय रतलाम में नवीन आधार कार्ड बनवाए जाने हेतु आवेदन पत्र दिया गया था परन्तु आज दिनांक तक आधार कार्ड प्राप्त नहीं हुआ है। अतः आधार कार्ड प्रदान करवाया जाए। प्रकरण सीईओ जनपद पंचायत को निराकरण के लिए प्रेषित किया गया है।
रावटी तहसील के ग्राम रुपापपाड के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में आवेदन देते हुए कहा कि ग्राम रुपापाडा के ग्रामीण बजरंग बली मंदिर के समीप निवास करते हैं तथा इस क्षेत्र में कोई भी सरकारी नल या हैण्डपम्प नहीं है जिससे ग्रामीणों को ग्रीष्म ऋतु में भारी जलसंकट का सामना करना पड रहा है। प्रकरण निराकरण हेतु एसडीएम सैलाना को भेजा गया है। ग्राम बोरवना निवासी राधेश्याम पिता शंभूलाल ने जनसुवाई के दौरान बताया कि प्रार्थी की कृषि भूमि पर कतिपय लोगों द्वारा कृषि कार्य नहीं करने दिया जाता है और साथ ही डराया, धमकाया जाता है। प्रार्थी द्वारा पूर्व में इसी प्रकार का आवेदन थाना औद्योगिक क्षेत्र में दिया गया था परन्तु आज दिनांक तक कार्यवाही नहीं की गई है। कतिपय लोगों की धमकियों से प्रार्थी मानसिक रुप से प्रताडित हो रहा है। प्रकरण निराकरण के लिए एसडीएम (शहर) को प्रेषित किया गया है।
प्रतापनगर निवासी श्रीमती ग्यारसीबाई पति भगवानदास परमार ने आवेदन में बताया कि प्रार्थिया प्रताप नगर में निवासरत है तथा निवासरत क्षेत्र में विद्युत पोल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रार्थिया ने उच्च दर पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन लगवा रखा है। अतः उक्त क्षेत्र में शीघ्र ही विद्युत पोल लगवाया जाए जिससे प्रार्थिया स्थायी विद्युत कनेक्शन प्राप्त कर सके। प्रकरण एमपीईबी अधीक्षण यंत्री को निराकरण के लिए भेजा गया है।