लोक सेवा केंद्रों की कार्य व्यवस्था सुधारने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई

रतलाम । कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम द्वारा शनिवार प्रातः राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिले के लोक सेवा केंद्रों के संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। केंद्र तहसीलदारों के अधीन होते हैं, तहसीलदार ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। लोक सेवा केंद्रों की व्यवस्थाओं में जनआकांक्षाओं के अनुरूप सुधार किया जाए। सभी संबंधित तहसीलदारों के प्रतिशत से नाराजगी व्यक्त की गई। इस संबंध में लोक सेवा प्रबंधक के प्रति भी कलेक्टर नाराज हुए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री एम.एल. आर्य, एसडीएम श्री राजेश शुक्ला, सुश्री कृतिका भीमावद, एसएलआर श्री रमेश सिसोदिया, श्री एम.एस. बारस्कर, तहसीलदार श्रीमती अनीता चौकोटिया, तहसीलदार श्री गोपाल सोनी आदि उपस्थित थे।
कलेक्टर ने बैठक में धारणा अधिकार, स्वामित्व योजना की समीक्षा की। भूमि आवंटन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर द्वारा तहसीलदारों के प्रति सख्त नाराजगी व्यक्त की गई। उल्लेखनीय है कि शासन के विभिन्न विभागों को उनके भवनों के निर्माण हेतु राजस्व अधिकारियों द्वारा भूमि आवंटित की जाती है। इस संबंध में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 अप्रैल के पूर्व के अब तक जिन तहसीलदारों के भूमि आवंटन प्रकरण लंबित हैं उनकी दो-दो वेतन वृद्धि रोकी जाएगी, उनको शोकाज नोटिस दिया जाएगा। कलेक्टर ने वनाधिकार अधिनियम के तहत आदिवासी हितग्राहियों को भूमि पट्टा वितरण की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में आय करदाताओं से निधि की वसूली की समीक्षा भी की गई। आधार कार्ड में इंग्लिश नेम करेक्शन पेंडेंसी की समीक्षा करते हुए अत्यधिक कमजोर प्रगति पाए जाने पर अधिकतर तहसीलदारों को फटकार लगाई गई।