
मंगलवाड़ पोषधशाला 11 मई 2022 । परस्पर विचारों के टकराव की चिंगारी की ज्वाला परमाणु बम की ज्वाला से भी अनंत गुना ज्यादा खतरनाक है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि बम का टकराव तो शरीर का ही नुकसान करता है लेकिन विचारों का टकराव आत्मा के सद्गुणों को नष्ट कर शैतान बना देता है।
उन्होंने कहा कि टकराव में तनाव, अशांति, संघर्ष के चलते धार्मिकता में प्रवेश नहीं कर सकता है ।
मुनि कमलेश ने बताया कि विचारों के टकराव से ब्लड प्रेशर हार्ड अटैक ब्रेन हेमरेज जैसे असाध्य रोगों से अकाल मौत का शिकार बनता है। राष्ट्रसंत ने कहा कि कोई भी धर्म ठकराल की इजाजत नहीं देता है संवाद के माध्यम से टकराव को समाप्त करके ही सद्भाव का निर्माण होता है।
जैन संत ने कहा कि ज्ञानी टकराव को समाप्त करने का प्रयास करता है अज्ञानी टकराव को पैदा करने का काम करता है । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री शांतिलाल मंडोत ने मोरवन और मेनार के पास दो विहार धाम दिवाली तक पूरा करने का संकल्प लिया कालू लाल सांखला उदयलाल दक ललित मेहता कैलाश मंडावतओमप्रकाश पीतलिया विशाल पितलिया आदि ने राष्ट्र के आगमन पर भव्य स्वागत किया