
मंगलवाड़ चौराया पोषध साला 12 मई 2022 । किसी आत्मा से नफरत करना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि सभी में परमात्म स्वरूप का अंश का निवास है उसके स्वरूप को नहीं जानने वाला अज्ञानी है।
उन्होंने कहा कि जो मानव होकर मानव से प्रेम नहीं कर सकता उसे खुदा और भगवान की प्राप्ति के दिन हो सकती चाहे कितनी ही कठोर साधना कर ले। मुनि कमलेश ने बताया कि नफरत करने वाले से प्रेम करता है धरती पर देवता है और जो प्रेम करने वाले से नफरत करता है वह शैतान है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि विश्व का कोई भी धर्म नफरत अपनाने की इजाजत नहीं देता नफरत अपने आप में अधर्म पाप पतन और नरक का द्वार है । जैन संत ने बताया कि किसी भी निमित्त से हमारे में नफरत के विचार पैदा होते हैं अगले का नुकसान हो या ना हो उसमें हमारे सब सद्गुण नष्ट हो जाते हैं नफरत अनु बम परमाणु बम से भी खतरनाक है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच दिल्ली युवा शाखा के वरिष्ठ कार्यकर्ता विक्रम पितलिया ने बताया कि राष्ट्रसंत कमल मुनि 13 मई को मंगलवाड़ चौराया प्रातः 9:00 बजे प्रवचन के बाद बिलोदा प्रस्थान कर 14 मई प्रातः 6:00 बजे बिहार का जैन दिवाकर कमल तीर्थ डूंगला 8:00 बजे पधारने की संभावना है।