


डूंगला महावीर भवन 15 मई 2022 । अपमान को भी अभिनंदन के रूप में मानते हुए आनंदित होता है यही साधना की सफलता का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने महासती जय श्री जी की 37 दीक्षा जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा की बुराई बदनामी की परवाह न करते हुए जो लक्ष्य मे लीन रहता है सफलता उसके चरण चूमती ।
उन्होंने कहा कि अपमान के बदले वरदान देने वाला है धर्म गुरु और भगवान सच्चा उपासक बनता है । मुनि कमलेश के बताए कि अपने साधना के बलबूते पर 48 मिनट में अपने नसीब का निर्माण स्वयं के हाथों से कर सकता है। राष्ट्र संत ने स्पष्ट कहा कि जो किस्मत भगवान और नसीब के भरोसे हाथ पर हाथ धर बढ़ता है वह कर्म योगी की शिक्षा से अनजान हैं ।
जैन संत ने बताया कि वैज्ञानिक डॉक्टर और सैनिक की तरह निरंतर लक्ष्य पर समर्पित होने वाला ही सच्चा धार्मिक है।
महा सती जय श्री जी ने कहां की सम्यक ज्ञान और पुरुषार्थ के साथ कुशल गुरु का मार्गदर्शन मिले अंधेरे में भी ठोकर नहीं खा सकता श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ डूंगला के मंत्री कनक मल तक शेष मल दानी बसंती लाल नागोरी की ओर से राष्ट्र संत कमलमुनि के जन्मभूमि में पधारने पर नागरिक अभिनंदन करते हुए साल समर्पित की महासती जय श्री जी को दीक्षा दिवस के उपलक्ष में आदर की चादर भेंट की गई महावीर एल्वामा गोशाला जैन दिवाकर कमल तीर्थ पर दीक्षा जयंती के उपलक्ष में उपप्रवतीनी महासती शांता कंवर जी के सानिध्य में दीक्षा जयंती के पक्ष में अध्यक्ष उत्सव भनावत मंत्री सुरेश मेहता कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा गौ माता को गुड़ और हरी घास खिला के जयंती मनाई । राष्ट्रसंत के प्रवचन 16 मई महावीर भवन डुंगला में ही होगें ।