एक गौ माता की सेवा करना पांच मंदिर बनाने से बड़ा लाभ है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

कनेरा गोपाल कृष्ण गौशाला 6 जून 2022। मार्बल की गाय और नंदी की तो आरती उतारते हैं और जीवित को प्लास्टिक और गंदगी खिलाकर अकाल मौत के घाट उतारते हैं । दोहरा आचरण अक्षम्य अपराध है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर पक्षी विहार के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते कहा कि दुर्भाग्य है महावीर कृष्ण और राम के देश में गौमाता की दुर्दशा हो रही है।
उन्होंने कहा कि एक गांव में चार मंदिर हो सकते हैं तो एक गौशाला क्यों नहीं गोतीर्थ में देवताओ का निवास होता है यह सबसे बड़ा तीर्थ है । मुनि कमलेश ने बताया कि जिस गांव में गोशाला नहीं दया करुणा का लोगों में संचार नहीं उनकी भक्ति कभी भी भगवान स्वीकार नहीं करेगा ।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि गांव में कांजी हाउस को पुनर्जीवित करना चाहिए । जैन संत ने कहा कि एक गौ माता की सेवा करना पांच मंदिर बनाने से बड़ा लाभ है तीर्थों की यात्रा से बढ़कर है ।
600 बीघा गोशाला के परिसर में जैन दिवाकर पक्षी विहार का उद्घाटन प्रसंग पर दानदाताओं ने एक लाख की राशि प्रदान की श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ करेरा की ओर से गोरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया समारोह के पश्चात गौतम प्रसादी का आयोजन हुआ । 7 जून से 9 जून तक जावद में मुनि कमलेश विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे । केली में राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री श्री चंद कृपलानी पूर्व विधायक अशोक नौलखा ने अपने साथियों के साथ मार्गदर्शन लेते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया गौशाला के अध्यक्ष पुष्कर कुमार शर्मा ने राष्ट्रसंत के आगमन पर गौशाला में वृक्षारोपण किया गायों को गुड़ खिलाया।

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