प्रेम सद्भाव जहां हो वह स्थान तीर्थ हो जाता है-कमल मुनि कमलेश

नीमच 12जून 20-22( केबीसी न्यूज़)संसार में प्रत्येक प्राणी को एक दूसरे के सहयोग के बिना आगे बढ़ने में परेशानी आती है। यदि सब मिलकर संगठित होकर रहे तो कठिन से कठिन कार्य भी सरलता से पूरा हो जाता है। प्रेम और सामाजिक सद्भाव रहे वह स्थान तीर्थ समान हो जाता है। समाज और राष्ट्रहित से बड़ा कोई नहीं होता है ।देश और समाज की रक्षा के लिए युवा वर्ग संकल्प लेकर आगे आए यह बात राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने कही। वे बघाना गांधी मार्ग स्थित अहिर मोहल्ला अखाड़ा नंबर 1 के सत्यनारायण बोरीवाल के आवास के समीप रविवार सुबह 9बजे आयोजित जन जागृति धर्म सभा में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम सदैव एक दूसरे का सहयोग करें नहीं तो कोरोना काल में हमने महामारी को देखा है कि एक बेटा भी अपने पिता को कंधा नहीं दे पाया। धन के पीछे दौड़ने से हमें धन नहीं हासिल होगा धन पुण्य कर्म से ही मिलेगा ।जाति भाषा नस्ल धर्म भेद बारूद के ढेर है इनसे सदैव बचना चाहिए ।धर्म का अंधा इंसान दुखी होता है। माफी देने वाला महान है ।महापुरुष का अपमान होता ही नहीं है जो अपमान संहिता है वही महान होता है ।महापुरुषों के नाम पर हिंसा नफरत आगजनी गलत है। तनाव उन्माद टकराव फैलाने वाले मानवता के हत्यारे होते हैं। बुरे लोग मुट्ठी भर होते हैं लेकिन वे संगठित होते हैं ।अच्छे लोग बहुत ज्यादा है लेकिन वह बिखरे हुए हैं इसलिए अच्छे लोगों को संगठन की एकता की आवश्यकता है ।संगठन की एकता बिना कोई भी समाज या राष्ट्र सुरक्षित नहीं रह सकता है। मानवता के नाम पर भेदभाव करने वाले परमात्मा का अपमान करते हैं ।जन्मता तब इंसान मरता तब इंसान जातिवाद तो संसार के फैलाए हुए स्वार्थी लोगों का तथ्य है ।इससे बचना चाहिए जातिवाद स्वार्थी स्वार्थी लोग फैलाते हैं प्रेम का फूल जहां होता है वहां स्थान तीर्थ होता है। संघर्ष से ही इतिहास बनता है महलों में रहने वाले इतिहास नहीं बनाते हैं। कांटो पर चलने वाले का इतिहास बनता है फूलों पर चलने वालों का इतिहास कभी नहीं बनता है ।धन उडाने वालों का इतिहास बनता है। धन संग्रह करने वालों का इतिहास कभी नहीं बनता है। समाज जन समाज विकास के लिए महीने में समय दान करना सीखे तभी समाज का विकास होगा। युवा वर्ग सेवा के कार्यों को के लिए टीम बनाएं। धन कमाने का महत्व नहीं है व्यवहार कमाने का महत्व है। संतो ने खून पसीने से बगीचा लगाया है उसे आगे बढ़ाना युवा वर्ग का कार्य है। धर्म सभा में योगीराज रंजन स्वामी, विमल छिंगावत, महेश वीरवाल ,विजय बाफना ,कैप्टन आरसी बोरीवाल, सत्यनारायण बोरीवाल आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।धर्म सभा के अंत में राष्ट्र संत कमलमुनि द्वारा कहां गया कि जैन समाज के पूर्व समाजसेवी मदनलाल वीरवाल, बाल मनोहर मनन के निधन को समाज के अपूर्ण क्षति बताया और कहा कि उनके निधन से जो स्थान रिक्त हुआ है तो कभी पूरा नहीं हो सकता है। समाज के युवा वर्ग उनके अधूरे कार्यों को पूरा करें यही उन्हें सच्ची आदांरजलि होगी । धर्म सभा में संत घनश्याम नहीं महाराज ने कहा कि।हर मानव मोक्ष जाना चाहता है लेकिन अच्छे कर्म करेंगे तभी तो मोक्ष मिलेगा ।धर्म सभा में गौतम मुनि द्वारा मंगलाचरण किया गया।
इस अवसर पर महेश वीरवाल कैप्टन आरसी बोरीवाल सत्यनारायण बोरीवाल भंवरलाल देशलहरा शोभाराम वीरवाल हेमंत चौधरी आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। आभार सत्यनारायण बोरीवाल ने व्यक्त किया।

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