
मंदसौर जैन दिवाकर प्रवचन हाल जीवा गंज 13 जुलाई 2022 । मटका लेते हैं तो भी ठोक कर परख कर लेते हैं गुरु का चयन भी बहुत सावधानी से करना चाहिए उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि अधूरे डॉक्टर मिले तो तन का ही नुकसान है परंतु अधूरे गुरु मिले तो तन और आत्मा का जन्म जन्मांतर में नुकसान है।
उन्होंने कहा कि व्यसनी स्वार्थी और कट्टरपंथी संत मानवता धर्म और भगवान के सबसे बड़े दुश्मन हैं उनसे समाज को बचाना समय की सबसे बड़ी मांग है । मुनि कमलेश ने बताया कि गुरु के एक पल का सानिध्य जिंदगी की दिशा और दशा को बदल देता है एक पल का सानिध्य 3 लोककी संपत्ति के दानसे बढ़कर है राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि आत्मा की आंतरिक चेतना का विकास गुरु के बिना तीन ताल में भी संभव नहीं है सरकार और विज्ञान भी नहीं कर सकती।
जैन संत ने कहा कि धर्म और परमात्मा का साक्षात्कार गुरु के बिना संभव नहीं गुरु अलौकिक शक्ति का भंडार है भौतिकवाद के चकाचौंध में हम जैसों का निर्माण होना किसी चमत्कार से कम नहीं है । अंत में कहा कि महापुरुषों के निर्माण में भी गुरु की भूमिका ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण रही है इसलिए गुरु महापुरुषों से भी महान हैं भारी संख्या में जनता गुरु पूर्णिमा का लाभ लिया कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि गौतम मुनिने विचार व्यक्त किए।