
खवासपुरा (सुनिल चपलोत) । गुरू पूर्णिमा और चातुर्मास के प्रथम दिन खवासपुरा के श्री मरूधर केसरी रूप सुकन दरबार मे संत शिरोमणी प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने जैन समाज और गांववासियों को महामंगल पाठ और आर्शीवाद देते हुये कहां कि गुरू दिपक गुरू चंदाणो गुरू बिन घोर अंधार पल्कन बिसरू गुरू भणी गुरु मुझ प्राणा आधार, मात पिता और गुरू के उपकार को भुलने वाला जीवन मे कभी सुख नही भोग पायेगा । अज्ञान से ज्ञान की राह दिखाता है तो वह गुरू असत्य से सत्य का मार्ग भी गुरू ही दिखा सकता है । इस दौरान युवाप्रणेता महेश मुनि,पंडित राकेश मुनि,मुकेश मुनि,हरीश मुनि,नानेश मुनि,हितेश मुनि, सचिन मुनि आदि सभी गुरू भगवंतों ने कहां कि गुरू परमात्मा का वो स्वरूप है जो हमे सदमार्ग के साथ जीवन जिने की कला बताते है गुरू के चरणों की रज मिल जाये तो तकदीर बदलते देर नही लगती । इसदौरान श्रीसंघ के अध्यक्ष प्रसन्न चन्द कोठारी,महामंत्री जे विजयराज कोठारी,सहमंत्री जी राकेश कोठारी, कोषाध्यक्ष बी महावीरचन्द कोठारी, एम अशोक कोठारी आदि पदाधिकारियों और सदस्यों ने जौधपुर,पाली,अजमेर,जयपुर मद्रास बैगलोर आदि अनेको क्षैत्रो से पधारे अतिथियों का संतो के सानिध्य स्वागत किया गया । संचालन अशोक कोठारी द्वारा किया गया।