

मंदसौर (जैन दिवाकर प्रवचन हाल जीवा गंज 15 जुलाई 2022) । महापुरुषों पर एकाधिकार जताना अपनी बपौती मानना उनका घोर अपमान करने के समान है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश से संबोधित करते कहा कि क्या हमने महापुरुषों को पैसे से खरीदा है अथवा क्या वह हमारी पर्सनल प्रॉपर्टी है। उन्होंने कहा कि महापुरुष संपूर्ण मानवता की अनमोल धरोहर है उनके नाम पर बांटने और बटने वाला उनके सिद्धांतों के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
मुनि कमलेश ने बताया कि महापुरुषों का अपमान होता ही नहीं है और अपमान सहने वाले ही महापुरुष बनते हैं अपमान करने वाले को भी आशीर्वाद प्रदान करते हैं। राष्ट्रसंत ने कहा कि महापुरुष का अपमान सोचने वाला सूर्य पर धूल उड़ाने जैसा नादान काम कर रहा है। वह उसी पर आएगी महापुरुष का कुछ नहीं बिगड़ेगा।
घनश्याम मुनि जी के 6, गौतम मुनि के तीन उपवास है आज महामंत्र नवकार का जाप राजकोट निवासी आशा बहन की और से है घनश्याम जी ने मंगलाचरण किया । विजय खटोड ने सभा का संचालन किया ।