अवयस्क अभियोक्त्री के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदंड

रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्‍यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 15.07.2022 को अभियुक्त दिलीप पिता बदरू उर्फ बद्रीलाल उम्र 25 साल नि. ग्राम धाबडारूण्डीय थाना सालमगढ जिला प्रतापगढ (राज.) को धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 2000रू अर्थदंड, धारा 366(क) भादवि में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000रू अर्थदंड, धारा 363 भादवि में 2 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500रू अर्थदंड तथा धारा 343 भादवि में 1 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000रू अर्थदंड से दंडित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट रतलाम श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि दिनांक 08.01.2016 को जब फरियादी और उसके पिता जब दोनों अपने खेत पर काम कर रहे थे और फरियादी की नाबालिक लडकी (अभियोक्त्रीे) उम्र 17 वर्ष 7 माह 3 दिवस खेत पर बनी टापरी पर बैठी थी कुछ देर बाद फरियादी टापरी पर आया तो अभियोक्त्री टापरी पर नहीं दिखी तो उसकी तलाश आस-पास की तथा बाद में अपने जीजा के यहां पर तलाश किया तो जीजा ने बताया कि उसने अभियोक्त्रीि को अभियुक्त दिलीप के साथ दानपुर बस स्टेण्ड (राज.) देखा था। फरियादी ने पुलिस को बताया कि उसकी नाबालिक लडकी को अभियुक्त दिलीप पत्नी बनाने के लिये उसे बहला-फुसलाकर भगाकर अपने साथ ले गया है।
उक्त सूचना पर से थाना सरवन जिला रतलाम पर अपराध क्रमांक 18/2016 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट भा.द.स. की धारा 363,366 एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत आरोपी दिलीप के विरुद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दिनांक 14.01.2016 को कस्बा दानपुर बस स्टैण्ड जिला बासवाडा राजस्थान से पुलिस द्वारा अभियुक्त के कब्जे से पीडिता को दस्त‍याब कर थाना सरवन जिला रतलाम पर लाया गया। अभियोक्त्री ने बताया कि दिनांक 08.01.2016 को जब वह काम करने खेत पर गई थी वहां पर अभियुक्त दिलीप आया और उससे बोला कि तू मेरे साथ चल मैं तेरे से शादी करलूंगा और मुझे बहला फुसलाकर ले गया। मेरे मना करने पर नहीं माना। फिर मुझे वह जोधपुर राजस्थान ले गया वहॉ पर खुले मैदान में झोपडी बनाकर रखने लगा और मेरे साथ खोटा काम बलात्कार करने लगा। इस प्रकार मेरे मना करने पर नहीं माना और मेरे साथ जबरदस्ती करता रहा। उसके बाद राजस्थान जोधपुर की पुलिस आई और हम दोनो को पकडकर जोधपुर थाने पर ले गई। इसके बाद सरवन पुलिस हमे जोधपुर थाने से थाना सरवन पर लेकर आई जहॉ पर पुलिस ने हमसे पुछताछ करी।
विवेचना के दौरान अभियुक्त दिलीप को दिनांक 14.01.2016 को गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र भा.द.सं. की धारा 363, 366, 376, 344 भादवि एवं धारा 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत अभियुक्त दिलीप के विरुद्ध माननीय विशेष न्‍यायालय पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 15.07.2022 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्ताावेजी एवं मौखिक साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त दिलीप को दोषसिद्ध किया गया है।
पीडिता के साथ हुए अपराध की क्षतिपूर्ती पीडिता को प्रदान किये जाने हेतु माननीय न्यातयालय ने अनुशंसा की। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।

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