अवयस्क बालिका से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड

जावरा । न्यायालय (श्रीमती उषा तिवारी) विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम द्वारा अपने निर्णय दिनांक 20.07.2022 को अभियुक्त वसीम कुरैशी पिता एहसान उर्फ अहमद, उम्र 30 वर्ष, निवासी महिदपुर जिला उज्जैन म.प्र. को धारा 376(2)एन भादवि में 10 वर्ष सश्रम कारावास व 2000/-अर्थदण्ड एवं धारा 366 भादवि में 07 वर्ष सश्रम कारावास व 1000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विजय पारस विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम ने बताया कि 16 वर्षीय अव्यस्क पीडिता के पति ने थाना औ.क्षै.जावरा पर उपस्थित होकर पीडि़ता के गुमशुदा होने के सम्बंध में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवायी थी। उक्त गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अव्यस्क पीडिता के पति व उसके पिता के कथन लिए जिसमें उन्होने बताया कि दिनांक 08/06/2016 को प्रात: करीब 04 बजें अव्यस्क पीडि़ता घर से एक लाख रुपये नगदी व सोने, चांदी के जेवर व सैमसंग कम्पनी का मोबाईल लेकर बिना बताए चली गई थी, जो उन्हे शंका है कि वसीम पिता एहसान कुरैशी निवासी महिदपुर, उज्जैन उसे बहला-फुसला कर भगाकर ले गया।
उक्त कथनों के आधार पर थाने पर धारा 363 भादवि में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। दिनांक 17.06.2016 को पुलिस द्वारा उसके परिजन के साथ जाकर पीडि़ता को बस स्टेण्ड झालरापाटन, राजस्थान से बरामद कर थाना लेकर आए। थाने पर पुुछताछ करने पर उसने बताया कि उसके पूर्व परिचित आरोपी वसीम से उसकी बातचीत होती रहती थी। दिनांक 08.06.2016 को वह व उसका पति रात को खाना खाकर सो गये थे, तब प्रात: 4:00 बजें आरोपी वसीम घर के बाहर रोड पर मेरा इंतजार कर रहा था, तब मैं घर से बाहर निकलकर उसके पास गई तो वह मुझे बहला-फुसला कर जावरा लेकर आया ओर जावरा से बस में बैठाकर जयपुर ले गया था, जहा उसने उसकी इच्छा के विरुद्ध लैगिंक दुष्कर्म किया। तीन दिनों बाद वे वहां से कोटा आ गए। कोटा में भी वे तीन दिनों तक रुके, वहां पर उसके साथ आरोपी वसीम ने दुष्कर्म किया था, फिर वह उसे लेकर झालरापाटन बस स्टेण्ड आ गया था, जब मैं बस स्टेण्ड पर अकेली बैठी थी,तब पिता के साथ पुलिस वाले आए थे जिन्हे दूर से ही देखकर आरोपी वसीम भाग गया था। पीडि़ता द्वारा बताई गई उक्त घटना पर से दुष्कर्म की धाराओं 376(2)एन भादवि एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा कर पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण करवाया जाकर अभियुक्त वसीम को दिनांक 19.06.2016 को ही गिरफ्तार कर उसका भी मेडिकल परीक्षण करवाया गया तथा पीडि़ता के उम्र सम्बंधी दस्तावेज प्राप्त किए जाकर आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय में दिनांक 12.08.2016 को प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन की ओर से कुल 11 साक्षियों की साक्ष्य को अपने समर्थन में परीक्षित कराया गया एवं घटना को प्रमाणित करने हेतु मौखिक, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य डी.एन.ए. रिपोर्ट तथा लिखित बहस प्रस्तुत कर आरोपी को आरोपित धाराओ में उल्लेखित अधिकतम दंड से दंडित किये जाने के तर्क प्रस्तुत किये गये।*
माननीय विशेष न्यायालय द्वारा विचारण उपरांत अपने निर्णय दिनांक 20.07.2022 को अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुये अभियुक्त वसीम कुरैशी को दोषसिद्ध किया गया। प्रकरण की सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री विजय पारस जावरा जिला रतलाम द्वारा की गयी।

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