अन्याय और अनीति उपार्जित धन से निर्मित आहार भी सात्विक विचारों का निर्माण नहीं होने देता – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर जीवा गंज 30जुलाई 2022 । आहार का विचारों के साथ गहरा संबंध है जैसा खाए अन्न वैसा हो सात्विक आहार अपनाए बिना विश्व शांति संभव नहीं हो सकती उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने श्रीमती तपस्वी प्रियंका बोहरा के 30 उपवास अभिनंदन समारोह को जैन दिवाकर प्रवचन हाल में संबोधित करते कहा कि सात्विक आहार मानवीय आहार है और तामसिक आहार राक्षसों का आहार है । उन्होंने कहा कि तामसिक आहार विचारों में उत्तेजना पैदा करता है जो स्वयं कीअशांति का मुख्य कारण है और हिंसा की जननी भी है।
मुनि कमलेश ने बताया कि तामसिक आहार अनेक रोगों की जननी है तन को रोगि बनाता है मन को मलिन बनाता है और साधना क्षेत्र में भी सात्विक आहार के बिना धार्मिकता में प्रवेश नहीं।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि विश्व के सभी महापुरुषों ने सात्विक आहार को स्वयं अपनाते हुए ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण बताया। जैन संत ने कहा कि अन्याय और अनीति उपार्जित धन से निर्मित आहार भी सात्विक विचारों का निर्माण नहीं होने देता है।
तपस्वी घनश्याम मुनि जी के आज 21उपवास है भेरु लाल कुमावत के अट्ठारह उपवास है नितेश सकलेचा खिलचीपुरा एक साथ मास खमण के पचकान किए इस प्रकार चार मास खमण चालू है अनिल संचेती सागरमल संचेती गजराज जैन नरेंद्र मेहता सूरजमल तलेसरा विजय खटोड़ कमलेश नलवाया प्रकाश रातडिया सुशील तरबेचा विजय खटोड़ सूरजमल तलेरा नरेंद्र पामेचा आनंदीलाल भंडारी तेजमल गांधीसंघ की ओर से तपस्वी और मेहमानों का स्वागत किया जैन दिवाकर विचार मंच महिला शाखा जैन दिवाकर मूल बहू मंडल चंदनबाला, महिला मंडल के नेहा दुग्गड़, नीता जैन, मधु कड़वत, कल्पना संघवी, शशि मारू, सीमा चोर्डिया, अनीता खटोड़, चंदा आष्टा, शीला जैन कुसुममारू, सुभद्रा नाहर, दिव्या काकरिया आदि ने तपस्वी का अभिनंदन किया।

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