मालव केसरी की 42 वीं पूण्यतिथी पर श्री सौभाग्य तीर्थ में उमड़ा गुरूभक्तों का तांता

माता-पिता, गुरू, परमात्म वाणी, संघ और संयम के प्रति पूर्ण समर्पित थे मालव केसरी- श्रमण संघीय प्रर्वतक श्री प्रकाशमुनिजी मसा

रतलाम,07 अगस्त। सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ में मालव केसरी, जैन सुधाकर, श्रमण संघ के मूर्धन्य सूत्रधार, पूज्य गुरूदेव श्री सौभाग्यमलजी म.सा. की 42 वीं पुण्यतिथी पर शुक्रवार को गुरू भक्तों का तांता लगा रहा। पुण्य स्मृति दिवस जप, तप, त्याग-तपस्याओं के साथ मना। रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय सहित संत एवं महासती मंडल की पावन निश्रा में पहले जाप और फिर विशाल गुणानुवाद सभा हुई। सुबह नोलाईपुरा से भव्य चल समारोह भी निकला, जिसमें गुरूभक्त जयकारे लगाते हुए शामिल हुए।
श्री धर्मदास जैन मित्र मण्डल ट्रस्ट,श्री सौभाग्य जैन साधना एवं जनकल्याण परिसर, श्री सौभाग्य अणु भक्त मण्डल, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मण्डल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मण्डल, श्री सौभाग्य जैन महिला मण्डल, श्री सौभाग्य अणु बहु मण्डल, श्री सौभाग्य प्रकाश बालिका व बालक मण्डल और चातुर्मास समिति के तत्वावधान में पुण्य स्मृति दिवस का चल समारोह नोलाईपुरा स्थित श्री धर्मदास जैन मित्र मण्डल स्थानक से बाजना बस स्टैण्ड पहुंचा। बाद में गुरू भक्त मैजिक से सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ पहुंचे। तीर्थ पर रतलाम के अलावा देश-प्रदेश के विभिन्न स्थानों से भी कई संघ का आगमन हुआ, जिन्होंने गुरूभक्ति का लाभ लिया।
गुणानुवाद सभा में प्रवर्तकश्री प्रकाश मुनिजी के साथ मधुर गायक श्री दर्शनमुनिजी मसा ठाणा-दो, महासती मधुर गायिका चंदनबालाजी, सेवा भावी कल्पनाजी,उपप्रवर्तनी, खानदेश रत्ना सुमनप्रभाजी, जप आराधिका स्वर्णश्रीजी मसा ठाणा-8 एवं वर्धमान आयंबिल तप आराधिका प्रफुल्लाजी मसा ठाणा-5 मंचासीन रहे।
प्रवर्तक श्री ने मालव केसरीजी का गुणानुवाद करते हुए कहा कि गुरूदेव का माता-पिता, गुरू, परमात्म वाणी, संघ और संयम के प्रति समर्पण अदभुत था। वे विनय और विवेक से सबकों जीत लेते थे। गुरूदेव की वाणी में माधुर्य और व्यवहार में जो सरलता थी, वह सबको अपना बना लेती थी। संघ की मजबूती के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। प्रवर्तकश्री ने गुरूदेव के आत्म संयम को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए श्री सौभाग्य तीर्थ में उनकी स्मृति में होने वाले निर्माण और अन्य कार्यों पर प्रकाश डाला।
इससे पूर्व साध्वी मंडल ने स्तवन प्रस्तुत किए और मालव केसरीजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरूदेव ने देशभर में विचरण कर धर्म की प्रभावना की। वे बहुत पुण्यवान आत्मा थे। श्रमण संघ का निर्माण कर सबकों एक सूत्र में पिरोया है। उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सभा में कई गुरूभक्तों ने तीर्थ परिसर को दान राशि देने की घोषणा की। महासती तेजस्वी जी ने 9 उपवास की तपस्या की, जबकि सैकडों गुरूभक्तों ने एकासना के प्रत्याख्यान लिए। कई तपस्वियों ने गुरूदेव की स्मृति में 11 उपवास और 108 तेले की तप आराधना की। राकेश छाजेड ने 23, सौम्य चत्तर ने 19 उपवास एव कान्ताबेन पितलिया ने 18 के उपवास प्रत्याख्यान लिए। दोपहर में श्री सौभाग्य चालीसा के जाप हुए, जिसके पश्चात गुरुभक्तों में 66 परिवारों ने प्रभावना वितरित की। कार्यक्रम का संचालन श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश मूणत एवं नवयुवक मंडल के पूर्वाध्यक्ष रखब चत्तर ने किया।
सभा में चातुर्मास समिति अध्यक्ष पारस वोरा, सचिव संदीप चौरड़िया, उपाध्यक्ष इंदरमल चोपडा, कोषाध्यक्ष मुकेश चौरड़िया, भंवरलाल पुंगलिया, श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष, श्री सौभाग्य तीर्थ मार्गदर्शक सुरेंद्र कुमार गादिया, अध्यक्ष कन्हैयालाल गांधी, उपाध्यक्ष आजाद कुमार मेहता, आनंदीलाल गाँधी, मंत्री हर्षेंदु भरगट, सहमंत्री अश्विन गंग, कोषाध्यक्ष अंचल मूणत, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष रंगलाल चौरड़िया, मंत्री मितेश गादिया, राजेश बोरदिया, निलेश मेहता, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल के अध्यक्ष मनीष मंडलेचा, मंत्री महेंद्र गंग महिला मंडल अध्यक्ष कांता चौरड़िया, मंत्री सरोज मूणत एवं मधु गांधी, बहु मंडल अध्यक्ष नेहा भरगट, मंत्री दीपा चैरडिया सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल अध्यक्ष हर्ष मूणत एवं मंत्री केतन गाँधी सहित बडी संख्या में गुरूभक्त और चल समारोह में गुरुभक्तों के साथ पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी और विभिन्न श्री संघो के प्रतिनिधिगण भी शामिल हुए|

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