
जावरा ( अभय सुराणा) । आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश में राष्ट्र भाव के साथ मनाया जा रहा है निश्चित रूप से यह महोत्सव हमारे बलिदानीयों को क्रांतिकारियों को याद करने का है। जिन्होंने आजादी की बलिवेदी पर प्राण देकर हमें आजादी दिलाई। स्वराज अमृत महोत्सव के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने जो प्रस्तुतियां दी है वह प्रशंसनीय एवं देशभक्ति के जज्बे को दर्शाती है यह भाव सदैव दिल में जिन्दा रहना चाहिए। उक्त विचार श्री जैन श्वेतांबर वरिष्ठ सेवा समिति द्वारा श्री माधवानंद एकेडमी पर आयोजित हमारा मान तिरंगे का सम्मान विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में कार्यक्रम के प्रसंग प्रभारी आनंदी लाल संघवी ने व्यक्त किये। इस अवसर पर नागदा कॉलेज के प्राचार्य एवं आज की प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ सी. एम. मेहता ने कहा की आजादी की सुनहरी भोर के लिए अनगिनत बलिदान हो गए किन्तु चिंता का विषय यह है की आज देश भ्रष्टाचार आतंकवाद जातिवाद जैसी समस्या से ग्रसित है। आज आवश्यकता है राष्ट्रभावना की राष्ट्र भाव ही हमें विश्व गुरु बना सकता है।
संस्था अध्यक्ष अभय सुराणा ने संस्था की जानकारी रखी एवं कहां की आजादी के अमृत महोत्सव हम सब के लिए जीवन का अविस्मरणीय वर्ष है। आप बहुत भाग्यशाली हो जो आपको बचपन में ही आजादी का अमृत महोत्सव देखने को मिल रहा है।और इसके मनाने का मुख्य उद्देश्य हमारे गुमनाम शहीदों की शहादत को हम कभी नहीं भूले। राष्ट्र के प्रति हमारे मन में हमेशा समर्पण के भाव रहे।कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भाषण प्रस्तुत किये। जिसमें प्रथम पुरस्कार श्री नागेश्वर पाटीदार द्वितीय कुमारी अंकिता पांचाल एवं तृतीय अंतिम सोनी रहे।
संस्था द्वारा सभी विजेताओं को पुरस्कार दिए गए एवं भाग लेने वाले सभी छात्र छात्राओं को संस्था के सह सचिव श्री प्रकाश चंद्र श्रीश्रीमाल ने नगद राशि देकर पुरस्कृत किया। विद्यालय के सभी भैया बहनों को प्रभावना भी वितरित की गई।
संस्था पदाधिकारी का स्वागत स्कूल संचालक राजेन्द्र श्रोत्रिय ने तिरंगा दुपट्टा पहना के किया । इस अवसर पर श्रोत्रीय ने उपस्थित सभी सदस्यों को अपनी नवीनतम पुस्तक मध्य प्रदेश के गुमनाम क्रांतिकारी भेंट करी।कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य मनीष सोनी ने किया।
यह थे निर्णायक
डॉक्टर सी एम मेहता एवं सुरेश मेहता।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति अभय सुराणा आनंदीलाल संघवी सरदारमल जैन शांतिलाल डांगी नेमीचंद जैन प्रकाश चंद श्रीमाल महावीर डांगी कनेश मेहता रमणिक काकरीया।