एकता की नींव पर ही अहिंसा मंजिल खड़ी की जा सकती है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

तपस्वी अक्षत मुनि जी म.सा. के आज 25 वा उपवास है, 3 सितंबर को 33 उपवास का अभिनंदन समारोह अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाएगा

मंदसौर 26 अगस्त 2022 जीवा गंज । कलयुग में संगठन से बड़ा और कोई धर्म नहीं हो सकता एकता में विश्वास नहीं अहिंसा उसके पास नहीं । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में संबोधित करते कहा कि एकता की नींव पर ही अहिंसा मंजिल खड़ीकी जा सकती है ।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग धागा बिखरा पड़ा है तो कचरा नजर आता है वही रस्सी के रूप में आ जाए तो उसमें विशालकाय हाथी को बांधने की क्षमता आ जाती है साधना से सफलता मिलने में समय लग सकता है । परंतु संगठन से दूसरे पर भी सफलता मिल जाती है । मुनि कमलेश ने बताया कि महा पुरुषों ने अपने से सर्वप्रिय संगठन को माना उसको बनाने के लिए सर्वस्व न्योछावर किया संगठन को मजबूत करने में योगदान देता है वही सच्चा सपूत है । राष्ट्र संत ने कहा कि किसी भी नाम से कोई भी संगठन बने उसका उद्देश्य समन्वय प्रेम और एकता होता है तो विश्व पूजनीय बनता है जाति पंथ प्रांत के संकीर्ण विचारों से ग्रसित अलगाववादी संगठन परमाणु बम से खतरनाक होते ।
जैन संत ने कहा कि हम आपस में लड़ेंगे देश कमजोर होगा कोई भी धार्मिक संत कट्टरता अपनाने की इजाजत नहीं देता अलगाववादी विचारधारा वाले अलकायदा तालिबान से कम नहीं धर्म और देशद्रोही भी है।
मंदसौर की पावन धरती पर दिगंबर संत धर्म भूषण जी श्वेतांबर परंपरा मुनि कमलेशका मधुर मिलन दोनों ने समन्वय और एकता का शंखनाद किया इतना ही नहीं दिगंबर समाज के अध्यक्ष दीपक भूना ने 10 लक्षण पर्व में कमलेश को निमंत्रण देकर नया कीर्तिमान स्थापित किया श्वेतांबर परंपरा पर्यूषण पर्व दिगंबर दिगंबर के श्वेतांबर समन्वय रूप में 18 दिन केमना कर देश में आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं कौशल मुनि जी ने अंत गढ़ सूत्र का वाचन किया गौतम मुनि जी ने विचार व्यक्त किए । तपस्वी अक्षत मुनि जी म.सा. के आज 25 वा उपवास है 3 सितंबर को 33 उपवास का अभिनंदन समारोह अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाएगा । कमलेश नलवाया 10 , उत्तम वीरवाल, 7 तृप्ति जैन, 8 उपवास है ।

Play sound