रतलाम । जिले में शिक्षा विभाग तथा जनजाति कार्य विभाग द्वारा संचालित सभी छात्रावासों का निरीक्षण शासन द्वारा जारी मानकों के आधार पर किया जाकर 15 दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री नरेंद्र सूर्यवंशी द्वारा मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। इस अवसर पर प्रभारी सहायक आयुक्त श्रीमती पारुल जैन, डीपीसी श्री एम.एल. सासरी, शिक्षा विभाग के सहायक संचालक श्री लक्ष्मणसिंह देवड़ा, अतिरिक्त परियोजना समन्वयक श्री अशोक लोढा, सुश्री जागृति छाजेड़ आदि उपस्थित थे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन देना है। रिजल्ट उत्कृष्ट हो इसके लिए शिक्षक समय पर स्कूल आए। अनाधिकृत रूप से अवकाश पर नहीं रहे। शिक्षकों की आपस में एडजस्टमेंट व्यवस्था बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा पाए जाने पर तत्काल शिक्षक को सस्पेंड किया जाएगा। जहां पद खाली हैं, अतिथि शिक्षकों की भर्ती करें। स्कूल केंपस सुंदर हो, स्वच्छता दिखनी चाहिए, अच्छा एनवायरमेंट हो यह जिम्मेदारी शिक्षकों की है। प्रिंसिपल का कक्ष सुव्यवस्थित हो। यदि किसी प्रिंसिपल का कक्ष ठीक से नहीं पाया गया तो उसके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थापित की जाएगी। प्रत्येक स्कूल को ग्रांट राशि के रूप में 25 हजार रूपए प्रतिवर्ष प्राप्त होते हैं। ग्रांट राशि से वर्षा पश्चात पुताई का कार्य करवाए जाएं। समीक्षा में ग्राम अमरपुरा तथा उमर स्कूलों में विद्युत कनेक्शन समस्या पाई गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में पीएचई द्वारा जल जीवन मिशन के तहत विद्युत कनेक्शन के लिए राशि जमा की गई है और कनेक्शन नहीं हुआ है तो उन स्कूलों की सूची तत्काल उपलब्ध करवाएं ताकि विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री को निर्देशित करके कनेक्शन सुनिश्चित किए जा सके।
दिव्यांग स्टूडेंट को मिलता है परिवहन भत्ता
बैठक में बताया गया कि शासन की योजना अनुसार कक्षा 9 से 12 वी के दिव्यांग स्टूडेंट को प्रतिवर्ष 1000 रूपए परिवहन भत्ता दिया जाता है। इसके अलावा स्टाई फण्ड 2000 रूपए, स्टेशनरी राशि 800 रूपए प्रदान किए जाते हैं। उक्त योजना का लाभ जिले में 89 स्टूडेंट को मिल रहा है। कलेक्टर ने कहा कि स्टूडेंट की संख्या ज्यादा हो सकती है, इसकी पड़ताल करके सभी को योजना का लाभ दिलवाया जाए।
बाजना में पायलट प्रोजेक्ट के तहत सभी विद्यार्थियों को परिवहन भत्ता
यह जानकारी भी दी गई कि जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड बाजना में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 5 किलोमीटर की दूरी तक स्थित हाई स्कूल के लिए तथा 8 किलोमीटर दूरी तक स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल के सभी विद्यार्थियों को 600 रूपए प्रतिमाह परिवहन भत्ता दिया जाता है जो उपस्थिति के आधार पर होता है। हॉस्टल रहवासी छात्र को परिवहन भत्ता नहीं मिलता है। इसके अलावा सायकल लेने वाले विद्यार्थी को भी परिवहन भत्ता नहीं मिलता है।
कलेक्टर ने निर्माण कार्यो की समीक्षा की, बताया गया कि वर्ष 2015-16, 2017-18 तथा 2019-20 के कुछ कार्य अधूरे हैं जो पीआईयू द्वारा पूर्ण किए जाने हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कार्यपालन यंत्री पीआईयू को अप्रसन्नता पत्र जारी किया जाए। उनको दूरभाष करके निर्देशित किया कि इसी माह में प्रगति दिखना चाहिए।
बैठक में सीएम राइज स्कूलों की व्यवस्थाओं पर भी कलेक्टर द्वारा समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए। उक्त स्कूलों के विद्यार्थियों के परिवहन साधनों के संबंध में ट्रैफिक डीएसपी तथा जिला परिवहन अधिकारी के साथ एक बैठक आयोजित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। इसके अलावा वर्ष 2019-20 में प्राप्त साइकिलों के वितरण की समीक्षा में पाया गया कि साइकिल अधिक संख्या में प्राप्त हुई, इस कारण सरप्लस साइकिलें अवितरित रह गई जिनमें से अधिकांश खराब हो चुकी है। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए। साथ ही विकासखंडवार रैंडम चेकिंग के लिए भी निर्देशित किया गया।