रतलाम। न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 21.09.2022 को अभियुक्त अमीर उर्फ आमीर पिता शेर मोहम्मद उम्र 28 साल नि. 302, बिरियाखेडी जिला रतलाम म.प्र. को धारा 376(3) भादवि सहपठित धारा 3(2)(वी) एससी एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 5000 रू. का अर्थदण्ड, धारा 323 भादवि सहपठित धारा 3(2)(वीए) एससी एसटी एक्ट में छ: माह का कारावास, धारा 506 (भाग-2) भादवि सहपठित धारा 3(2)(वीए) एससी एसटी एक्ट में 01 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू. का अर्थदण्ड तथा धारा 342 भादवि में 06 माह का कठोर कारावास से दण्डित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि दिनांक 20.10.2018 को अभियोक्त्री (उम्र 15 वर्ष) ने थाना औ.क्षे. रतलाम पर उपस्थित होकर बताया कि मैं कक्षा 5वीं में पढती हूं, हम आमीर के मकान में 2000रू किराये से रहते है आमीर भी पडोस में ही रहता है। आज रात करीब 11:30 बजे मैं पैशाब करने घर के बाहर बने पैशाबघर में गयी थी मैं पैशाब घर का दरवाजा बंद कर रही थी तभी पीछे से आमीर पिता शेर मोहम्मद जबरन पेशाबघर में घुस गया तथा पेशाबघर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया तथा मुझे दाहिने गाल पर व सीने पर काट लिया तथा जबरन मेरा मुंह दबाकर मेरी ईच्छा के विरूद्ध मेरे कपडे उतारकर पेशाबघर में मेरे साथ बलात्कार किया। मैंने चिल्लाया तो मेरी दादी, मेरे पापा व बुआ आ गयी थी। मैंने सभी को घटना बतायी मेरी दादी ने आमीर को चिल्लाया तो आमीर वहां से भाग गया तथा आमीर ने मेरे साथ पहले भी मुझे जानते हुए कि मैं बलाई समाज से हूं मेरे साथ बलात्कार किया है तथा मुझे बोलता था कि किसी को बताया तो जान से मारने की धमकी देता था। मैं मेरी दादी को साथ लेकर रिपोर्ट कराने आई हूं।
उक्त सूचना पर से थाना औ.क्षे. रतलाम द्वारा जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 596/2018 धारा 376(2)(आई), 376(2)(एन), 342, 324, 506 भादवि एवं 3/4, 5एल/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं 3(2)(वी) एससी एसटी एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त आमीर के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान अभियुक्त आमीर को दिनांक 20.10.2018 गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विवेचना उपरंात अभियोग पत्र धारा 376(2)(आई), 376(2)(एन), 342, 324, 506 भादवि एवं 3/4, 5एल/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं 3(2)(वी) एससी एसटी एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध धारा 376(3), 323, 342, 506 (भाग 2) भादवि व 3/4 लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं 3(2)(वी), 3(2)(वीए) एससी एसटी एक्ट के आरोप विरचित किये गये एवं विचारण किया गया।
विचारण उपरांत विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 21.09.2022 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त आमीर को दोषसिद्ध किया गया है। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।