पूज्य अन्तर्मना गुरुदेव का 557 दिन की मौन साधना

सम्मेदशिखर जी । तपस्वी मौन पूर्वक सिंहनिष्कडित व्रत करने वाले विश्व के प्रथम आचार्य श्री अन्तर्मना प्रात: स्मरणीय आचार्य श्री 108 परम पूज्य प्रसन्न सागर जी महाराज। 21 जुलाई 2021 से गुरुदेव का मौन साधना प्रारंभ हुई है जो 28 जनवरी 2023 तक रहेगी। आचार्य श्री 496 उपवास और 61 दिन आहार ग्रहण करेंगे।
भारत गौरव साधना महोदधि अंतर्मना आचार्य 108 श्री प्रसन्न सागर जी महाराज पारसनाथ पहाड़ के स्वर्णमय स्वर्ण भद्र कूट टोंक पर विराजमान है गुरुदेव ने अपनी मौन वाणी से अपनी उवाच में लिखा कि सफ़ल व्यक्ति की जिंदगी में ये तीन चीजें जरूर आती है… आरोप चर्चा और शक संसारी व्यक्ति का स्वभाव है सच्चे पर आरोप लगाना ,तीन हाथ पैर की चर्चा करना और संदेह करना । आज की पीढ़ी अपने माता-पिता पर भी डाउट करती है -असली है या नकली मैं जानता हूं -एक 9 साल का बच्चा अपने पिता को फोन पर बोल रहा था पापा जल्दी घर आओ मम्मी पड़ोसी अंकल से एक घंटे से छत पर बात कर रही है ।आजकल आदमी गलत फहमी की जिंदगी जी रहा है जो बिना किसी इरादे के गलत फहमीया होती है,वे उलझने पैदा कर देती है। यह आप के ऊपर नहीं है कि आप सब की गलतफहमियां दूर करें। बस एक काम कर सकते हैं । उन पर ध्यान नहीं दिया जाए। स्वयं में जीवन्तत : बनाये रखें । उक्त जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा ,मनीष सेठी ने दी ।

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