ममता की प्रतिमूर्ति का दूसरा नाम ही मां है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर जीवा गंज 22 सितंबर 2022 । ममता वात्सल्य और करुणा रूपी मन मंदिर में ही दुर्गा मां आदि का निवास होता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने नवरात्रि के प्रशिक्षण शिविर में संबोधित करते कहा कि ममता की प्रतिमूर्ति का दूसरा नाम ही मां है वह सपने में भी अपनी संतान का हित नहीं सोचती है। पूरा विश्व का प्रत्येक प्राणी उसकी संतान है।
मुनि कमलेश सरकार की देवी के नाम पर किसी प्राणी को यातना देना वध करना देवी का कत्ल करने के समान है । उन्होंने बताया कि देवी को साधना और सेवा के द्वारा ही प्रसन्ना किया जा सकता है किसी को पीड़ा और तकलीफ देकर नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रसंत ने बताया कि देवी स्वयं सर्वशक्तिमान है स्वयं ही शिकार कर लेगीआपको पशु बलि देने की क्या आवश्यकता है देवी भावों की भूखी वस्तु कि नहीं।
जैन संत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने पशु बलि प्रथा के खिलाफ सत्य कानून बनाया है । केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को भी इसकी रोकथाम के लिए कड़े कानून बनाने चाहिए । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा उदयपुर जिला इकाई महामंत्री संगीता भंडारी ने भक्ति का स्तवन प्रस्तुत किया। दीपक भंडारी, आजाद जैन का संघ की ओर से स्वागत किया गया । संचालन आशीष चोरडिया ने किया । जैन दिवाकर कमल गोसेवा महिला मंडल एवं दिवाकर महिला शाखा राजस्थान निंबाहेड़ा की 15 बहनों का प्रतिनिधिमंडल सेवा में उपस्थित हुआ।

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