
मंदसौर 27 सितंबर 2022 जीवा गंज। बालिका ही मां बनती है उसी के माध्यम से महात्मा महापुरुष और परमात्मा तक का सपना सच होता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में बालिका दिवस पर संबोधित करते कहा कि उसी के माध्यम से संपूर्ण ब्रह्मांड का निर्माण होता है बालिका है तो कल है बालिका नहीं होगी तो बहू कहां से लाओगे।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है आज बेटी और बेटे के जन्म पर उदास हो ना और खुशी मनाना बालिका पराया धन है उपेक्षा करना अन्याय है। राष्ट्रसंत ने कहा कि बालक और बालिका की लिंग अनुपात में असंतुलित होने पर अन्य वस्तुओं की भांति कहीं बेटियों का आयात ना करना पड़े । बेटे की चाहत में यह पाप होता है बालिका गोकुल का नाम रोशन करती है
जैन संत ने कहा कि भ्रूण हत्या करने वाला गौ हत्या से भी अनंत गुना ज्यादा महा पापी होता है । वह तो राक्षस और शैतान है आध्यात्मिकता को शर्मसार करने वाला है । बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओका नारा हमारे देश में देने को मजबूर होना सुनने मात्र से ही रोम-रोम कहां पर जाता है। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली शाखा राजस्थान के वरिष्ठ कार्यकर्ता नेमीचंद लोढ़ा, गुणमाला लोढ़ा कंवलियास एवं राजेश अठाना की ओर से स्वागत किया । संचालन अजीत खटोड़ ने किया।