मंदसौर जीवा गंज 6 अक्टूबर 2022 । एक छोटे से गांव में 2 अथवा 4 मंदिर हो सकते हैं तो फिर एक गौशाला क्यों नहीं । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में संबोधित करते कहा कि दया और करुणा भगवान का असली रूप है जहां इसकी उपासना होती है बिना बुलाए सभी देव आ जाते हैं।
मुनि कमलेश ने बताया कि गाय सृष्टि का प्राण आर्थिकता का आधार और औषधि का भंडार है साथ ही पर्यावरण के संतुलन बनाए रखने में मील के पत्थर की तरह उपयोगी ह । उन्होंने कहा कि जब सरकारी योजना में पानी और वृक्ष की रक्षा के लिए पानी की तरह पैसा बहा सकती है तो पशु रक्षा के लिए क्यों नहीं । राष्ट्रसंत ने कहा कि पहले हर गांव में कांजी हाउस हुआ करता था जिस में गायों को रखा जाता था उनको वापसशुरू करना चाहिए।
जैन संत के गौ रक्षक के क्रांतिकारी आव्हान पर अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली को ग्राम पंचायत बेलारा जनपद पंचायत सीतामऊ जिला मंदसौर ने सर्व अनुमति से श्री जैन दिवाकर गुरु कमल गौशाला के लिए करीब 100 बीघा जमीन उपाध्याय गुरुदेव श्री कस्तूरचंद जी महाराज के पुण्यतिथि के उपलक्ष में प्रदान की प्रशासन ने तत्काल तीव्र गति से कार्रवाई करते हुए मूर्त रूप प्रदान किया । जैन दिवाकर कमल गौशाला सीनफन के लिए अनीता जैन10 0008 और प्रदीप कीमतीष रामपुराकीमती ने भी रू.108000 नीलम वीरवाल ने रू. 54000 इस प्रकार करीबन 3 लाख की राशि दानदाताओं ने प्रदान की ।