महाड़ में महामांगलिक व स्नेह सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न

वट वृक्ष कितना ही पुराना हो जाये किंतु उसकी छाया से लोग आनंदित होते हैं, वृद्ध व्यक्ति के अनुभव जीवन में हमेशा काम आते हैं- मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.

महाड़। परोपकार सम्राट आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती सुशिष्य मालवरत्न प्रवचनदक्ष मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.के श्रीमुख से, यशस्वी शानदार चल रहे चातुर्मास की अंतिम महामांगलिक का भव्य आयोजन एवं कोंकण क्षेत्र के श्रीसंघों का स्नेह सम्मेलन सानंद संपन्न हुआ। महामांगलिक का सुंदर लाभ महाड़ नगर के सुश्रावक परम गुरूभक्त बाबुलालजी कोठारी द्वारा लिया गया। प्रातः 9:00 बजे आरती पश्चात श्री वासुपूज्य जिनालय से वाजते गाजते लाभार्थी कोठारी परिवार के गृह निवास पधारे, वह मुनिश्री के पगलियाजी हुए व श्रीसंघ पूजन किया गया। यहां से महामांगलिक स्थल विरेश्वर मंदिर प्रांगण पहुंचे। यहां इंदौर के सुप्रसिद्ध गायक देवेश जैन ने संगीतमय माहौल से स्वागत कर मुनिश्री व सकल संघ का आगमन हुआ। गुरूवंदन व मंगलचरण हुआ। लाभार्थी परिवार श्रीसंघ सदस्यों ने देवगुरु की रत्न प्रतिमा पर माल्यार्पण कर धुप दीप प्रगट किया । देवेश के साथ रोहन जैन ने भक्ति की धुम मचाई। मुनिश्री ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में परिवारिक मैलजोल सामाजिक व्यवस्था पर सुंदर विचार रखें। मुनिश्री ने क्रांतिकारी संदेश देते हुए युवाओं को टारगेट किया मुनिश्री ने कहा बड़े बुजुगों का सम्मान करो उन्हें अवाइट मत करो। वट वृक्ष कितना ही पुराना हो जाये किंतु उसकी छाया से लोग आनंदित होते हैं। वृद्ध के अनुभव जीवन में हमेशा काम आते हैं। व्यक्ति वय से नहीं किंतु विवेक से बड़ा होता है। मुनिश्री ने आगे कहा 50km के आसपास के संघों को वर्ष में एक बार चिंतन शिविर रख कर सामाजिक व्यवस्था पर काम करना चाहिये। युवा व्यसन से युवतियां फैशन से जीवन बर्बाद कर रहे है, इसकी रोकथाम होनी चाहिए। मुनिश्री ने कहा सुख वैभव में नही किंतु त्याग में है । मुनिश्री ने अद्भुत प्रसंग भी सुनाये जिसे सुन लोग परिवर्तनशील बने। मुनिश्री ने स्नेह सम्मेलन हेतु महाड़ श्रीसंघ चातुर्मास समिति एवं कोठारी परिवार की अनुमोदना की। मुनिश्री के चिंतनशील विचार के बाद कोंकण क्षेत्र के मानगांव, नागोठाणा, दापोली, खेड चिपलुन कोलाड, इंदापुर,वापोली महाड से पधारे श्रीसंघ ने अपने विचार रखें,श्रीसंघ महाड़ ने सभी का बहुमान किया । इंदापुर के मनोजजी नाडावत एवं विकेशजी कावेडिया को महाड़ श्रीसंघ व चातुर्मास समिति ने शासनरत्न पद से अलंकृत किया। श्रीसंघ के वडिलों ने स्वर्ण सम्मान शिल्ड से नवाजा। कोठारी परिवार के सभी सदस्यों का श्रीसंघ व चातुर्मास समिति ने जोरदार स्वागत किया। प्रभु आरती मंगल दीया कोठारी परिवार ने किया । गौतम स्वामीजी की आरती खरसौद कला के अशोकजी जैन द्वारा व श्री राजेंद्र सुरीजी की आरती बाबुलालजी कोठारी महाड़ एवं सुरी ऋषभ की आरती गायक देवेश जैन द्वारा की गई। कार्यक्रम पश्चात स्वामीवात्सल्य का आयोजन कोठारी परिवार द्वारा किया गया।

Play sound