संत सूर्य की भांति संपूर्ण मानव समाज को ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित करें वह मानवता की अनमोल धरोहर है- राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर जीवा गंज 14 अक्टूबर 2022 । संत मानवता के बगीचे में माली बनकर समर्पित भाव से उत्थान के लिए निष्काम काम करेंगे तो धरती जन्नत के रूप में बदल जाएगी उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में संबोधित करते कहा कि माली के बजाय मालिक बन कर धर्म स्थान की चारदीवारी में बैठ गए और मानवता डूब गई धर्मस्थल के दरवाजे कौन खोलेगा।
उन्होंने कहा कि संत सूर्य की भांति संपूर्ण मानव समाज को ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित करें वह मानवता की अनमोल धरोहर है। मुनि कमलेश ने बताया कि सभी धर्मों का मुख्य उद्देश्य मानव समाज को बुराई से मुक्त करना और अच्छाइयों से ओतप्रोत करना इनको ध्यान में लेकर काम करता है वही सच्चा संत है न राष्ट्रसंत ने बताया कि उपासना पद्धति से ऊपर उठकर सभी धर्म गुरु मानव उत्थान के लिए समन्वय स्थापित करके संगठित होकर नशा मुक्ति पर्यावरण हिंसा आतंकवाद भूख भ्रष्टाचार मुक्त विश्व निर्माण के लिए आगे आए।
जैन संत ने कहा कि सभी दलों में वैचारिक मतभेद होने के बावजूद लोकसभा में एक साथ बैठते हैं न्यूनतम साझा कार्यक्रम में मिलकर काम करते हैं जब 10 राजनीतिक दल मिलकर सरकार चला सकते हैं तो सभी धर्म साथ में क्यों नहीं चल सकते पंजाब के महंत गोविंदाचार्य ने कहा कि राष्ट्रसंत के विचारों से देश का संपूर्ण संत समाज अभिभूत है इनके सानिध्य में अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के नेतृत्व में 108 संत देश के कोने कोने में वैचारिक क्रांति का शंखनाद कर नई दिशा प्रदान करेंगे यह मैं आज घोषणा करता हूं मंच की ओर से आपको संत प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया महंत जी ने राष्ट्रसंत को गीता भेंट करके उनका अभिनंदन किया संघ की ओर से प्रकाश रातडिया अशोक मारू राका जी ने महंत जी का सम्मान किया कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया गौतम मुनि घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए संचालन अजीत खटोड़ ने किया।

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