

जावरा (अभय सुराणा) । जिन्होंने *कार्य ही पूजा के धेय वाक्य को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर जहां पर रहे वह जो भी दायित्व मिला उसको पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से पुरा किया। जो बिरले व्यक्ति ही कर पाते हैं जिन्होंने अपने शिक्षा बी. एस. सी, एम. डी. बी. ए, एल. एल. एम. के साथ इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) में चयन के पश्चात सन 1989 से लगातार विभिन्न पदों के दायित्व का कुशलतापूर्वक निर्वाह कर आज एन. एस.जी दिल्ली में अपर पुलिस महानिदेशक है पद पर रहकर 31 अक्टूबर 2022 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं ऐसे लोकप्रिय अधिकारी का नाम श्री प्रमोद श्रीपाद फलणीकर है जिन्होंने सन 1989-90 के दौरान जावरा एस.डी.ओ.पी रहे आपके यशस्वी कार्यकाल को जनता आज भी याद करती है। श्री प्रमोद भी कहते हैं कि जावरा को मैं कभी भी भुला नहीं सकता क्योंकि यहां की जनता ने मुझे आत्मविश्वास दिया, प्रेम दिया जो जिंदगी भर साथ रहा। बाद की सभी पदस्थापना के दौरान उस आत्मविश्वास ने व प्रेम ने मुझे बल दिया। जावरा की पदस्थापना के दौरान के रिश्ते आज तक जागृत है व उतने ही मजबूत है। इनके यशस्वी कार्यकाल के कारण ही आज सीएसपी कार्यालय के बाहर फलणीकर वाटिका आने वाले हर अधिकारी के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है। ऐसे विराट व्यक्तित्व के धनी श्री प्रमोद श्रीपाद फलणीकर ने अपनी कलम के माध्यम से मध्य प्रदेश काडर एक दृष्टिक्षेप का शीर्षक देकर जो लिखा है वह गर्व की अनुभूति कराता है ।