उपकारी हमारे लिए परमात्मा का दूसरा रूप है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

जावरा (अभय सुराणा) । उपकारी के प्रति नुगरा होने वाला नमक हराम व्यक्ति को विश्व के किसी धर्म में प्रवेश नहीं है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि नमक हलाल बनो लेकिन नमक हराम नहीं। ऐसी विचारधारा वाले इंसान कहलाने का अधिकारी है।
उन्होंने कहा कि उपकारी हमारे लिए परमात्मा का दूसरा रूप है अपना सर्वस्व उनके चरणों में समर्पित कर दें तो भी कर्जे से मुक्त नहीं हो सकते। मुनि कमलेश ने बताया कि कितना ही दान दे कठोर साधना कर ले खड़ा-खड़ा सूख जाए चाहे संत भी बन जाए तो भी नमक हराम का धर्म में प्रवेश नहीं है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि आध्यात्मिकता का ढोल पीटने वाले उपकारी का अनदेखा कर साधना करना मुर्दे को शृंगार कराने के समान है।
जैन संत ने कहा कि जानवर भी अपनें पालनहार करनें वाले के नमक प्रति वफादार होता हैं उपकारी की रक्षा के लिए अपने प्राण लुटा देते हैं उनसे इंसान को सबक लेनी चाहिए। गौतम मुनि ने मंगलाचरण किया भव्य मुनि जी ने विचार व्यक्त किए
उक्त जानकारी देते हुए अ.भा. जैन दिवाकर विचार मंच नईदिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं जैन कांफ्रेंस वैयावच्चय योजना के प्रांतीय मंत्री संदीप रांका जावरा एवं जिला अध्यक्ष शेखर नाहर ने बताया की पुज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत श्री कमल मुनी जी म सा के पावन सानिध्य में अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की पिपलोदा तहसी ल ब्लाक में 51 नए सदस्य बने । यहां पर गौशाला शुरू करने का संकल्प लिया नगर परिषद अध्यक्ष उपमा श्यामबिहारी पटेल, यशवंत सुराणा, रितेश सुराणा, पवन पटवा, नरेंद्र पटवा, शांति लाल मोगरा, मूर्तिपूजक संघ की महिला युवा शाखा ने अभिनंदन किया गया है।
साथ हि जावरा श्री संघ के शांतिलाल दुग्गड, सुजानमल औरा, अभय सुराणा, शेखर नाहर, संदीप रांका ने पिपलोदा पहुचकर दर्शन वंदन कर जावरा पधारने कि विनति कि जिस पर राष्ट्रसंत ने जावरा पधारने का आश्वासन दिया।