मुनिप्रवरश्री का महोत्सव हेतु मंगल प्रवेश संपन्न हुआ

दहाणु । परोपकार सम्राट आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी महाराजा साहेब के सुशिष्य परम पूज्य प्रवचनदक्ष मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.का मिनी मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ दहाणु में गत रविवार को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर ट्रस्ट मंडल सहित 200 से अधिक श्रद्धालु गुरु भक्त आगवानी की। मुनिराजश्री महाड में यशस्वी चातुर्मास पूर्ण कर महाराष्ट्र कोंकण क्षेत्र के 25 से अधिक श्रीसंघों में शासन की प्रभावना करते हुए, विहार यात्रा दरमियान अनेक आचार्य श्री व गुरु भगवंतों से भेंट वार्ता करते हुए गुरुधाम तीर्थ दहाणु पधारे। यहां पर मुनिप्रवर की निश्रा में 17 दिसं. से पौष दशमी श्री पार्श्वनाथ परमात्मा के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक की तीन दिवसीय जिनेंद्र भक्ति महोत्सव अट्ठम तपाराधना की उजवणी धूमधाम से की जाएगी। 28/29 दिसं.को दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेंद्र सूरीश्वरजी महाराज साहेब की जन्म जयंती एवं पुण्यतिथि गुरु सप्तमी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा । मुनिप्रवरश्री की निश्रा में कोसबाड स्थित श्री मल्लीनाथ स्वामी भगवान के जिनालय में गुजरात के धनेरा से पधारे सिरोहिया श्रीसंघ की विशेष विनंती पर विविध सामग्रीयों द्वारा संगीतमय श्री शक्रस्तव महा अभिषेक किया गया एवं गुरु धामतीर्थ दहाणु में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने धानेरा के साथ में दादा गुरुदेव का जो कनेक्शन व समर्पण है उसकी विशेषताओं को बताया। गुरुधाम तीर्थ स्थापना से लेकर वर्तमान विकास तक की बातें कहीं। सिरोहिया परिवार के सदस्यों का मिनी मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ दहाणु ट्रस्ट मंडल द्वारा बहुमान किया गया। इस मौके पर भोजनशाला की कायमी तिथि में कई भाग्यशालीयों ने लाभ लिया एवं विकास में अपना योगदान दिया। स्मरण हो यहां पर भक्तों का आवागमन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। आवासीय जरुरत अनुसार 33 रूम की सर्व सुविधायुक्त नुतन धर्मशाला का निर्माण चल रहा है जिसका इनॉग्रेशन आगामी 2 माह में होने की संभावना है।