रतलाम (संत नगर जैन स्थानक 17 दिसंबर 2022)। साधना स्थल आध्यात्मिक संस्कृति के प्राण है इनको अनदेखा करना उपेक्षा करना गुरु धर्म और परमात्मा का अपमान करने के समान है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संत नगर में जनसभा को संबोधित करते कहा कि संस्कृति के अभाव में संस्कारों का तीन लोक की संपत्ति दान देकर भी संस्कारों को प्राप्त नहीं किया जा सकता ।
उन्होंने कहा कि संस्कृति से संस्कारों का निर्माण होता है बह चरित्र निर्माण में ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं । मुनि कमलेश पठान फिल्म के माध्यम से शाहरुख खान के द्वारा संत परिवेश में जिस प्रकार संत को अश्लीलता के रूप में प्रस्तुत किया वह अक्षम्य अपराध मानवता पर कलंक है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि सरकार उस फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं संत परिवेश के साथ खिलवाड़ करने का दुष्कर्म किया है। जैन संत ने कहा कि आध्यात्मिकता पर हमला होना संस्कृति को कुचलने के समान है । सभी धर्माचार्य मिलकर अखिल भारतीय सर्व धर्म संसद आध्यात्मिक संस्कृति को बचाने के लिए चाहे वो किसी भी धर्म पर क्यों ना हो रक्षा करने के लिए क्रांति का शंखनाद करेंगे । असामाजिक तत्वों को बेनकाब करेंगे । गौतम मुनि ने मंगलाचरण किया एवं भव्य मुनि जी ने विचार व्यक्त किए ।
उक्त जानकारी अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी निलेश बाफना ने कहा कि अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली संत प्रकोष्ठ के प्रमुख महंत गोविंदाचार्य से चर्चा कर पारसनाथ भगवान के जन्म कल्याणक महोत्सव पर 18 दिसंबर प्रात: 9.00 मृदुल धाम काटजू नगर में राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाएगी।
