वीर बहादुर पराक्रमी और साहसी व्यक्ति ही अहिंसा का पालन कर सकता है – राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश

रतलाम (मृदुल धाम काटजू नगर 18 दिसंबर 2022) । अहिंसा को कोई व्यक्ति डरपोक, बुजदिल, पलायन वादी अथवा कायरता के रूप में मानता है अथवा पुकारता है वह अहिंसा के माध्यम से अनभिज्ञ है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने भगवान पारसनाथ जन्म कल्याणक समारोह को संबोधित करते कहा कि वीर, बहादुर पराक्रमी और साहसी व्यक्ति ही अहिंसा का पालन कर सकता है।
उन्होंने कहा कि होती हुई हिंसा को देखकर अहिंसा और कर्मों की दुहाई देकर अनदेखा कर लेता है वह अहिंसा को कलंकित और बदनाम कर रहा है । मुनि कमलेश ने बताया कि अन्याय और अन्य को देखकर कफन का टुकड़ा सिर पर लेकर जीने मरने की परवाह न करते हुए मैदान में खड़ा रहता है सच्चा अहिंसा वादी है। राष्ट्रसंत ने कहा कि जुल्म करना हिंसा है तो जुल्म सहना भी हिंसा है, अन्याय नीति हिंसा और जुल्म का प्रतिकार करना सच्ची अहिंसा है।
श्रीमद्भागवत गीता शक्तिपीठ केंद्र कुरुक्षेत्र के संस्थापक महंत गोविंदाचार्य जी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमती राज्यश्री ने अपने सदस्यों के साथ राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश को भागवत गीता भेट करके अभिनंदन किया ।
शासन प्रभावक भव्य मुनि जी ने कहा कि पार्श्वनाथ प्रभु की क्रांतिकारी अहिंसा धर्म समाज देश और विश्व के लिए सदैव प्रासंगिक रहेगी। गोविंदाचार्य ने कहा कि आध्यात्मिक संस्कृति पर होने वाले हमले का प्रतिकार करने के लिए सभी धर्म के लोगों को एक मंच पर संगठित होकर मुकाबला करना होगा तभी हमारा अस्तित्व बचेगा
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली जिला के रतलाम की ओर से जिला महामंत्री प्रत्यूष चौधरी, जिला कोषाध्यक्ष जितेंद्र खिमेसरा, संजय गांग, दीपक श्री माल, भविष्य कुमार जैन, प्रवीण जैन, किरण मेहता ने भगवान पार्श्वनाथ की जयंती पर 400 जनों को स्वेटर वितरण करने का संकल्प लिया । उक्त जानकारी अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच युवा सरकार के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी निलेश बाफना ने दी।