रतलाम (मृदुल धाम पारसनाथ जैन मंदिर 20 दिसंबर 2022) । जिसके जीवन में इंसानियत के दर्शन नहीं है जनाजा निकल रहा हो, वह ना तो हिंदू है ना मुसलमान हैं वह तो राक्षस और शैतान से कम नहीं उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि विश्व के सभी धर्मों का मुख्य लक्ष्य है इंसानियत का विकास होना स्वार्थ छोड़कर परमार्थ करना ।
उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर कूटनीति करने वाले नफरत फैलाने वाले स्वार्थ रोटी सेकने वाले धर्म के कट्टर शत्रु मानवता के नाम पर कलंक है । मुनि कमलेश ने बताया कि धार्मिक व्यक्ति ने स्वार्थ अहंकार और उन्माद सवार हो जाता है वह परमाणु बम से भी विस्फोटक अनंत गुना ज्यादा खतरनाक है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि नास्तिक तो अपना ही नुकसान करता है लेकिन धर्मांध आस्तिक अपने सद्गुणों का तो नाश करता ही है नफरत की आग फैलाकर महापुरुषों का अपमान करने में भी हर्ष महसूस करता है । जैन संत ने कहा कि मोहब्बत, प्रेम और सद्भाव सभी धर्मों का प्राण है नफरत करने वाले से प्रेम करता है वही सच्चा धार्मिक है । नायक काजी अहमद अली ने कहा कि अमन चैन और शांति का माहौल बनाने में अपना योगदान देता है मानव जाति को बुराइयों से बचाता है अच्छाइयों का आगे बढ़ाता है वही प्रभु और खुदा का सच्चा बंदा है ।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली जिला इकाई मंदसौर की ओर से सद्भावना दिवस पर दीपक श्रीमाल आनंद गांधी, डॉ. रोहित पंजाबी, जितेंद्र खिमेसरा, विपिन श्रीमाल आदि उपस्थित थे । उक्त जानकारी अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने दी ।