
बोलिया । जैन दिवाकर चौथमलजी मसा एवं उपाध्याय मूलमुनि के सुशिष्य उपप्रवर्तक राकेशमुनिजी म.सा. का नगर में प्रवेश हुआ। 7 साल के लम्बे अतंराल के बाद गत दिवस सुबह 9 बजे नगर में पधारे । गुरूदेव उपाध्याय भगवन मूलचंद मसा के मोक्षगामी होने के बाद कोटा (राज.) नगर चातुर्मास कर बोलिया नगर में पहली बार जैन दिवाकर चौथमलजी मसा की दीक्षा स्थली पर नतमस्तक होने आए । उपप्रवर्तक राकेशमुनिजी मसा यहा पारसनाथ जयंती के तेले की तपस्या करवाने एवं बोलिया नगर के समाज के रहे अधूरे विकास कार्यो को नई दिशा देकर पूर्ण करवाने पर भी समाजजन से चर्चा करेंगे । संत श्री के नगर प्रवेश में झालावाड़, सुनेल, कोटा, बिजोलिया, पाटन एवं रायपुर से जैन श्रीसंघ पधारे । जैन दिवाकर भवन बोलिया में गुरूदेव के प्रवचन सुने एवं गुरूदेव से ज्ञान ध्यान के विषयों पर चर्चा कर गुरूदेव को वंदन नमन किया । नगर के जैन दिवाकर संघ अध्यक्ष प्रकाशचन्द्र भंडारी, मोहनलाल नागोता, अभय भंडारी, विशाल लोढ़ा एवं मूर्तिपूजक संघ महेश कुमार संघवी, विमल कचोलिया, रोशन कचोलिया, ललितकुमार संघवी, पवन रामसना सहित अन्य समाजजन ने गुरूदेव के दर्शन-वंदन लाभ लिया । दिवाकर संघ मंत्री चंचल नागोता ने आभार व्यक्त किया ।
जैन दिवाकर श्रमण संघ कोटा के पदाधिकारियों ने किए दर्शन
आज प्रात: स्मरणीय जगत वल्लभ जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव श्री चौथमल जी महाराज साहब की पावन दीक्षा स्थली बोलियां पर जैन दिवाकर पावन तीर्थ एवं जैन दिवाकर श्रमण संघ कोटा के श्रावक श्राविकाओ को इस पावन स्थली के दर्शन वंदन का सुअवसर प्राप्त हुआ ।