दि. जैन संतों का वात्सल्यमय भव्य अनूठा महामिलन का महा संगम
गया नगरी । प.पू. आचार्य श्री 108 पुष्पदंतसागर जी मुनिराज, प. पू. भारत गौरव राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री 108 विरागसागर जी मुनिराज, प.पू . आचार्य कुशाग्रनन्दि जी मुनिराज, प.पू. आचार्य श्री 108 इन्द्रनन्दिसागर जी मुनिराज, प.पू . तपस्वी सम्राट आचार्य 108सन्मति सागर एवं प.पू . मुनि श्री पुण्यसागर जी मुनिराज के शिष्यों का प . पू . आचार्य श्री प्रमुखसागर जी मुनिराज, झारखण्ड राजकीय अतिथि श्रमण श्री विशल्यसागर जी मुनिराज, प.पू. आचार्य श्री 108 प्रसन्नऋषि जी मुनिराज, प. पू. आचार्य निपुणनन्दि जी मुनिराज, गणिनी आर्यिका शुभमति माता जी एवं श्रमण श्री108 हर्षितसागर जी मुनिराज का वात्सल्यमय महामिलन का अनूठा महासंगम बिहार राज्य की धर्ममय नगरी गया में हुआ प.पू. श्री 108 विशल्यसागर जी गुरुदेव की चतुर्विध संघ ने आगवानी की और सभी संतों एक मंच से एकता और वात्सल्यता का परिचय दिया । उक्त जानकारी संघस्थ अलका दीदी,ओर भारती दीदी ने दी ।