अज्ञान दशा में की गई साधना उपासना भी कर्म बंधन का कारण बनती है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

जावरा (शंखेश्वर पारसनाथ जैन मंदिर 25 दिसंबर 2022)। अज्ञान दशा में की गई साधना उपासना भी कर्म बंधन का कारण बनती है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर कमल विद्या तीर्थ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते कहा कि अज्ञानी हजारों वर्षों में कर्म क्षय नहीं कर सकता ज्ञानी एक पल में कर देता है। उन्होंने कहा कि एक शब्द का ज्ञान दान भी तीन लोक की संपत्ति के दान से भी महान है ज्ञान ही परमात्मा का दूसरा रूप है।
मुनि कमलेश ने बताया कि ज्ञान सर्वोत्तम धन है चुरा नहीं सकता बांट नहीं सकता अग्नि में जला नहीं सकता अगले जन्म में भी जाति स्मरण ज्ञान के रूप में प्रकट हो सकता है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि ज्ञान आत्मा की असली खुराक है धनवान अपने इलाके में पूजा जाता है विद्वान पूरे संसार में पूजा जाता है।
मुनि कमलेश की जिला जन्मभूमि चित्तौड़गढ़ में एक बीघा में कल्याणी हॉस्टल भव्य बिल्डिंग का निर्माण हुआ हैजिसमे 52 विद्यार्थी निशुल्क आवास निवास शिक्षा प्रदान की जाती है उसके संस्थापक पुष्पा सालवी ने अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली को भेंट करते हुए मुनि कमलेश के मार्गदर्शन में काम करने का संकल्प ट्रस्ट ने लिया संस्था में अंतिम निर्णय राष्ट्रसंत का मान्य होगा उपाध्यक्ष विष्णु सालवी सत्यनारायण शर्मा शिक्षा सालवी अनिल कुमार दक फाल्गुनी सालवी ने नगरपालिका उपाध्यक्ष सुशील कोचटा की अध्यक्षता में विचार मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री अभय कुमार सुराणा राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी संदीप राका जिलाध्यक्ष शेखर नाहर पुखराज भंडारी मोहनलाल पोखरना सुजानमल कोचटा सुरेंद्र मेहता पारसमल ओरा की उपस्थिति में गुरुदेव के चरणों में समर्पण पत्र भेंट किया। वीरेंद्र रांका, सैनिक नांदेचा, दिनेश ओस्तवाल, सुभाष रांका सहित सभी कार्यकर्ता बिहार में उपस्थित थे । 26 और 27 दिसंबर प्रातः9:00 बजे चौपाटी जैन मंदिर में प्रवचन होंगे । 28 और 29 दिसंबर जैन दिवाकर भवन जावरा सिटी में होंगे।

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