इंदौर (ललित जगमोदा) । राजस्थान की औधोगिक एवं शैक्षणिक नगरी कोटा की रामपुरा स्थानक मे अपने 2022 के ऐतिहासिक और यादगार चातुर्मास की अमिट छाप कोटा वासियो के हृदय मे अंकित करने के बाद लगभग 350 कि.मी. का विहार करके आज अहिल्या माता की पावन नगरी इंदौर की अहिल्या माता कालोन मे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मान छगन लाल जी के निवास स्थान नानक कंचन विला पर पूज्य गुरुणीवर्या ,प्रवचन प्रभाविका, महासती श्री धेर्य प्रभा जी म. सा. आदि ठाणा 4 म.सा. सुबह 7 बजे नमकीन कलस्टर से विहार करके लगभग 8.15 बजे पधारी ।
इंदौर शहर की अनेक कॉलोनीयो से पधारे संघ प्रमुखों की विनती सुनने के बाद लगभग 9.30 पर प्रवचन का प्रारंभ महासती श्री धार्मिक प्रभा जी म.सा. के मुख़ारविंद से हुआ।
अपने सार गर्भित प्रवचन मे महासती धार्मिक प्रभा जी ने उपस्थित धर्म सभा को जागृत करते हुए फऱमाया की इस संसार मे दो प्रकार के धार्मिक लोग होते है एक तो होते है धर्म प्रेमी और दूसरे होते है दृढ़ धर्मी। धर्म प्रेमी वे होते है जो सिर्फ धर्म का दिखावा करते है और दृढ़ धर्मी वे होते है जो सूक्ष्म से सूक्ष्म पाप से भी दूर रहकर अपने जीवन को धर्ममय बना के धर्म का अनुपालन करते है ।
महासती श्री धार्मिक प्रभा जी के प्रवचन के बाद आज इस सभा की मुख्य प्रवचन प्रभाविका महा सती जी श्री धेर्य प्रभा जी के प्रवचन शुरू हुए । श्रोताओं से जीवंत संपर्क बनाकर हरियाणा की इस धर्म शेरनी महासती जी ने अपने प्रवचन और विचारो से ऐसा समा बाँधा की अभिषेक मुनिजी की यादें ताजा हो गई। जिनवानी के विचारो से जनमानस के हृदय को बदलने की क्षमता और धैर्य आज महासती के प्रवचनों मे स्पष्ट दिखाई दी ।
धेर्य प्रभा जी म. सा. ने आज जीवन को उन्नत बनाने के अनेक सूत्र प्रदान किये जिनमे प्रमुख थे ओवरटेक नही करना, विस्तार नही करना अपने जीवन मे एक गाइड बनाना और धर्म को जीवन मे प्राथमिकता देना ।
अंत मे इस प्रवचन सभा के आयोजक श्री मान छगन लाल जी ने उपस्थित धर्म सभा के प्रति आभार प्रगट किया और जिनेश्वर जी ने भी महासती जी से महावीर भवन मे पधारने की भाव भरी विनती की ।
संतो के इस विचरण काल मे भी इस प्रवचन सभा मे पोरवाल बंधुओ की बेहद ही सार्थक उपस्थिति रही जिसको देखकर महासती जी भी अत्यंत ही प्रसन्न दिखाई दी और अपने वक्तव्य मे पोरवाल समाज की जमकर तारीफ की।
कुल मिलाकर संतो के इस विचरण काल मे इंदौर को एक ऐसी महासती जी मिल चुकी है जो आपके भीतर जिनवाणी की दस्तक देने का सामर्थ्य रखती है आशा है की इंदौर महासती जी के इस सामर्थ्य का पूरा पूरा लाभ उठाएगा ।