वर्तमान समय में बिमारियों से बचाव के लिए योग से जोड़ना चाहिए – पूर्व महापौर पारस सकलेचा

योग ही जीवन का प्रतिबिंब है – डॉ. प्रकाश चौपड़ा

रतलाम । आज श्री साईं मंदिर परिसर में श्री सिद्ध योग साधना केन्द्र एवं योग धाम परिवार द्वारा अपने जीवन के ३० वर्ष योग की साधना में व्यतीत करने पर डॉ. प्रकाश चौपड़ा का उनके जन्मदिवस पर ३० वर्षीय योग यात्रा के रूप में अभिनंदन करते हुए किया । इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व महापौर पारस सकलेचा, पार्षद प्रतिनिधि विजयसिंह चौहान, योग आचार्य कैलाश यादव आदि मंचासीन थे।
३० वर्षीय योग साधक डॉ. प्रकाश चौपड़ा के सम्मान समारोह के अतिथि के रूप में नगर के पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने अतिथि उद्बोधन में कहा कि डॉ. प्रकाश चौपड़ा ने ३० वर्षीय योग साधना में जटिल रोगों से ग्रसित रोगियों की निशुल्क सेवाएं कर मानवीय जीवन को स्थापित किया एवं जीओ और जीने दो के संकल्प को पूर्ण रूप प्रदान किया । साथ ही श्री सकलेचा ने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में हमारा खान-पान दूषित होता जा रहा है और हम जटिल रोगों से ग्रसित होते जा रहा है । युवा पीढ़ी को योग से जुडऩा चाहिए और योग की उपयोगीता को जन-जन में पहुंचाना चाहिए ।
इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कोठारी ने कार्यक्रम के संचालन करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए हमारा आहार शुद्ध, स्वास्तिक होना चाहिए जिससे मानवीय जीवन को जटिल बीमारियों से बचा सकें ।
क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि विजयसिंह चौहान ने उद्बोधन में कहा कि में जनसमस्याओं के लिए हमेशा अग्रसर रहा हूं । क्षेत्र की किसी भी समस्या के लिए आप के सहयोगी बनकर क्षेत्र की सफाई एवं स्वास्थ्य के लिए निरंतर सक्रिय रहकर जनप्रतिनिधि का उत्तरदायित्व निभाऊंगा। योग आचार्य कैलाश यादव ने भी कोरोना काल का उल्लेख करते हुए योग की बारिकियों को रेखांकित किया । इस अवसर पर मंजू सोनी, मनसुखलाल चौपड़ा महेंद्र सिंह शक्तावत ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
स्वागत भाषण में मिश्रीलाल सोलंकी नेे कहा कि श्री चौपड़ा का यह सम्मान उनके जन्मदिवस पर ना हो कर आपके ३० वर्षीय योग यात्रा का सम्मान है । श्री चौपड़ा चाहे कैसा भी मौसम हो उन्होंने कभी भी अपनी योग साधना को टाला नहीं वे स्वयं तो योग करते रहे है और दूसरों को भी सदैव योग करने का मार्गदर्शन देते आ रहे है ।
स्वागत के प्रतिउत्तर में श्री प्रकाश चौपड़ा ने कहा कि हमारा जीवन मात्र जीवन ही नहीं हमें जीने के लिए और जटिल रोगों से मुक्त होने के लिए योग की आवश्यकता है और योग ही हमारा आज की आवश्यकताओं का प्रतिबिंब है ।
कार्यक्रम के शुभारम्भ में कवि रामचन्द्र गेहलोत ने गुरु वंदना एवं माँ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की । इसके अतिथियों का स्वागत महावीर सिंह शक्तावत, दीपा पुंजावत, चीना आनंद एवं हेमंत मेहता, श्री बाथम ने किया ।
कार्यक्रम में रजनीकांत झामर, प्रणव व्यास, रतन जोशी, विकास चौपड़ा, हेमंत मेहता, मनसुख चौपड़ा, जिनेन्द्र चौपड़ा, प्रमोद राघव, राजेश भंडारी, दिनेश वाघेला, दीपा पुंजावत, मंजू सोनी, रेखा राठौड़, रंजना राघव, प्रियदर्शनी कसेरा, अंजली चौरसिया, निशा अरोड़ा, मोहिनी चावला आदि गणमान्य उपस्थित थे । इस अवसर डॉ. प्रकाश चौपड़ा का श्री सिद्ध योग साधना केन्द्र, योग धाम परिवार एवं अतिथियों द्वारा शाल श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया गया । कार्यक्रम के अंत में आभार अजय आचार्य ने व्यक्त किया।

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