अवयस्क बालिका से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड

जावरा । न्यायालय (श्रीमती उषा तिवारी) विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम द्वारा अपने निर्णय दिनांक 05.01.2023 को अभियुक्त राहुल पिता लालू कीर, निवासी तहसील जावरा जिला रतलाम म.प्र. को लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3/4(2) में 20 वर्ष सश्रम कारावास व 5000/-अर्थदण्ड एवं धारा 366 भादवि में 07 वर्ष सश्रम कारावास व 1000 रुपये अर्थदण्ड एवं से दण्डित किया गया।
श्री विजय पारस, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम ने बताया कि दिनांक 16.12.2019 को थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा मंे 15 वर्षीय अवयस्क अभियौक्त्री के पिता ने थाने पर उपस्थित होकर बताया है कि कल दिनांक 15.12.2019 को दोपहर में खेत पर चला गया था, खेत से शाम को घर आया तो पता चला कि मेरी बालिका घर पर नही है, जिसकी तलाश गांव व रिश्तेदारों मे करने पर उसका कोई पता नही चला। उसे शंका है कि राहुल उसकी नाबालिक बालिका को बहला-फुसला कर भगाकर ले गया है। फरीयादी द्वारा बताई गई उक्त घटना पर से राहुल के विरूद्ध थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पर अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया।
अनुसंधान के दौरान दिनांक 29.12.201च9 को जोधपुर राजस्थान से आरोपी राहुल के कब्जे से बालिका को बरामद कर पुलिस द्वारा उससे पुछताछ करने पर उसने बताया कि पूर्व परिचित राहुल घटना दिनांक 15.12.2019 को शादी करने का कहकर मोटर साईकल पर बैठाकर मंदसौर ले गया। मंदसौर में मोटरसाईकल उसने किसी पहचान वाले के यहां रखी और फिर उसे बस से जोधपुर ले गया और वहां पर 13 दिनांे तक उसे फुटपाथ पर झौपडी बना कर रखा, इस दौरान राहुल ने कई बार इच्छा के विरुद्ध शारीरिक सम्बंध बनाए। उक्त कथन के आधार पर दुष्कर्म की धाराओ का ईजाफा कर आरोपी राहुल को गिरफ्तार किया जाकर उसका एवं अभियौक्त्री का मेडिकल परीक्षण कराया गया। एवं अभियौक्त्री के अवयस्कता के सम्बंध में उसके स्कूल से दस्तावेज प्राप्त कर आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र दिनांक 17.03.2020 माननीय विशेष न्यायालय में आरोपी राहुल के विरुद्ध धारा 363, 366-क, 376 भारतीय दण्ड संहिता 1860 एवं धारा 5 (प्)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान माननीय न्यायालय में अभियोजन द्वारा कुल 14 साक्षियों की साक्ष्य को अपने समर्थन में परीक्षित कराया गया एवं घटना को प्रमाणित करने हेतु मौखिक, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक, मैडिकली साक्ष्य तथा लिखित बहस प्रस्तुत कर आरोपी को आरोपित धाराओ में उल्लेखित अधिकतम दंड से दंडित किये जाने के तर्क प्रस्तुत किये गये, जो माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को विश्वसनीय मानतेे हुए, अपने निर्णय दिनांक 05.01.2023 को आरोपी राहुल को दोषसिद्ध किया गया।
प्रकरण की सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री विजय पारस जावरा जिला रतलाम द्वारा की गयी।

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