




दहाणुगांव। परोपकर सम्राट आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती शिष्य प.पू. प्रवचनदक्ष मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.के श्रीमुख से नये वर्ष के पावन उपलक्ष में ऋद्धि सिद्धि लब्धिवंत महामांगलिक का भव्यतम आयोजन दहाणुगांव श्रीचंद्रप्रभ स्वामी भवन में किया गया। श्रद्धालुओं से खचाखच भरे उपाश्रय में मधुर संगीत व भक्ति गीतों के साथ मुनिराजश्री का आगमन हुआ जय-जयकारों से पांडाल गुंजायमान हुआ। सर्वप्रथम सभाजनों ने गुरुवंदना की एवं संतश्री ने मंगलाचरण कर धर्मसभा की शुरुआत । श्री पार्श्वप्रभु के चित्र पर व सुरी राजेंद्र गुरुदेव के चित्र पर अतिथि द्वारा धुप- दीप माल्यार्पण किया गया। महामांगलिक के सम्पूर्ण लाभ मातृश्री वत्सलाबेन जयंतीलालजी व चेतनाबेन राकेशजी पुनमिया परिवार ने लिया। श्री मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ डोंगरीपाडा दहाणु के ट्रस्टी भरतजी सोलंकी, ललितजी पुनमिया,मुकेशजी महेता, हितेशजी राजावत ने उद्बोधन दिया। लाभार्थी परिवार द्वारा अतिथियों का बहुमान साल श्रीफल माला द्वारा किया गया।
धर्मसभा के प्रारंभ में मुनिश्री ने ध्यान कराया पश्चात संतश्री ने कहा श्रद्धा के बिना सफलता संकल्प के बिना सिद्धि प्राप्त नहीं हो सकती। मनुष्य को धन के साथ धर्म की कमाई का लक्ष्य बनाना चाहिए। 24 घंटे में एक घंटा प्रभु व धर्म को सोपना चाहिए। संसार के हर क्षेत्र में सफलता धर्म से मिलती है। श्री रजतचंद्र विजयजी साहेब जी ने आगे कहां नए वर्ष में यह संकल्प लें आत्मनिर्भर होकर हर कार्य करेंगे। शुभ एवं पवित्र विचारों के द्वारा सकारात्मक ऊर्जा के साथ में नए वर्ष में आगे बढ़ो रिद्धि समृद्धि प्राप्त करो यही मंगल कामना। धर्मसभा में लाभार्थी परिवार के मातुश्री वत्सलाबेन चेतनाबेन राकेशजी व सुनीताबेन का बहुमान श्रीसंघ के अध्यक्ष हरिश भाई नागसेट एवं संजयजी कर्नावट, प्रविणजी बाफना आदि ने किया। इस आयोजन में मुनिश्री का आशीर्वाद लेने पधारे विशेष अतिथि दहाणु क्षेत्रीय विधायक श्रीमान विनोदजी निकोले का बहुमान राकेशजी पुनमिया ने किया। निकोलेजी ने कहा गुरुदर्शन पाकर धन्य हो गया मेरे जीवन की शुरुआत से ही जैन समाज का विशेष योगदान रहा है । मुनिश्री की प्रेरणा से निकोलेजी ने अनाथ आश्रम हेतु जमीन देने की घोषणा की। सभाजनो ने इस घोषणा का जयकारों के साथ स्वागत किया । श्री मोहनखेड़ा गुरुधाम ट्रस्ट की ओर से एक आकर्षण पेन प्रभावना की गई। गुरुधाम तीर्थ के लिए भोजनशाला कायमी तिथि में 35 भाग्यशाली परिवारों ने लाभ लिया। संजयजी बाफना ने 250gm चांदी समर्पण कि। सुनीता पुनमिया ने सुंदर स्तवन प्रस्तुत किया। चंद्रप्रभ महिला मंडल ने शानदार भक्ति प्रस्तुति दी। 1 दिन पूर्व मुनिराजश्री का वाजते गाजते भव्यतम मंगल प्रवेश कराया गया। उसके पश्चात श्रीसंघ की नवकारसी एवं रात्री में हितेश राजावत ग्रुप द्वारा भक्ति भावना का भव्य आयोजन किया गया। प्रभुजी की सुंदरतम अंग रचना की गई। संचालन अभयजी जैन ने किया। इस अति विशिष्ट आयोजन में विशाल जनमैदनी शामिल थी।