पीडिता के साथ छेडछाड करने वाले अभियुक्त को 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड

रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 17.01.2023 को अभियुक्त नरसिंह पिता मोहनलाल खारोल, उम्र 25 साल नि. ग्राम रीछादेवडा जिला रतलाम को धारा 7/8 पाॅक्सो एक्ट में 03 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू. का अर्थदण्ड एवं धारा 452 भादवि 6 माह कठोर कारावास एवं 500रू*. अर्थदण्ड, धारा 354 सहपठित धारा 3(2)(वीए) एससी एसटी एक्ट में 01 वर्ष कठोर कारावास एवं 500रू अर्थदण्ड एवं धारा 3(1)(डब्ल्यू)(आई) एससी एसटी एक्ट में 06 माह कठोर कारावास एवं 500रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में प्रभारी पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि पीड़िता द्वारा दिनांक 29.09.2017 को पुलिस थाना कालूखेड़ा में इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि वह दो-ढाई वर्ष पूर्व पढ़ाई छोड़ दी है और गृह कार्य करती है। वह कक्षा सातवीं तक पढ़ी लिखी होकर उसकी जन्म तारीख 02.10.2000 है। दिनांक 29.09.17 को उनके गांव में नवरात्रि की नवमी पर बाड़ी का कार्यक्रम था जिसे देखने के लिए उसके माता-पिता, बड़ा भाई दोपहर 12ः30 बजे घर से गये थे। घर पर वह और उसकी भाभी थे। दोपहर 01ः30 बजे करीब पीडिता का सिर दर्द होने से वह घर के सामने ढालिये में पलंग पर लेटी थी और उसकी भाभी घर के अंदर चाय बना रही थी, उसी समय गांव का नरसिंह खारोल, जो उसे पहले से जानता पहचानता था कि वह आदिवासी भील समाज की लड़की है, उसे अकेली देखकर उसके पास घर के ढालिये में आया और बुरी नीयत से उसका दाहिना हाथ पकड़कर खींचने लगा, उसने विरोध किया और चिल्लाने लगी तो चिल्लाने की आवाज सुनकर घर के अंदर से उसकी भाभी आई जिसे देखकर नरसिंह खारोल उसका हाथ छोड़कर गांव तरफ भाग गया। जब उसके माता-पिता व बड़ा भाई जीवन गांव से बाड़ी देखकर वापस घर आये तो उसने व भाभी ने घटना की सारी जानकारी बताई तथा उन्हें साथ लेकर घटना की रिपोर्ट करने आई है।
उक्त सूचना पर से थाना कालुखेडा जिला रतलाम द्वारा जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 116/2017 धारा 452, 354 भादवि एवं 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(डब्ल्यू)(आई), 3(2)(वीए) के अंतर्गत अभियुक्त नरसिंह के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान अभियुक्त नरसिंह को दिनांक 22.10.2017 गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र धारा 452, 354 भादवि एवं 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(डब्ल्यू)(आई), 3(2)(वीए) के अंतर्गत अभियुक्त नरसिंह के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध आरोप विरचित किये गये एवं विचारण किया गया। विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 17.01.2023 में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी, मौखिक साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त नरसिंह को दोषसिद्ध किया गया है।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।