अन्तर्मना प्रसन्न सागर जी महामुनिराज के सानिध्य में तपस्वी सम्राट 108 सन्मति सागर जी महाराज की धातु की प्रतिमा विराजमान की गई

सम्मेदशिखर जी। परम पूज्य साधना महोदधि 557 दिन की घोर तपस्या करने वाले अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज के ससंघ के सानिध्य में सम्मेदशिखर जी के बाहुबली 24 टोंक मंदिर में परम तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर जी महाराज की धातु से निर्मित प्रतिमा का प्रतिष्ठाकरण आचार्य गुरुदेव की उपस्थिति में हर्ष उल्लास के साथ संपन्न हुई आज दिन में आचार्य संघ के द्वारा धातु की प्रतिमा का अभिषेक किया गया इसके पश्चात पूजा और विधि विधान के द्वारा प्रतिष्टित नव निर्मित मंदिर में विराजमान किया गया ।जो की आने बाले समय मै मधुबन आने बाले यात्रीयों के लिए श्रद्धा ,तपस्या एवं विस्वास का अनूठा केंद्र
बनेगा!साथ ही कल 13 फरवरी को दिन में सम्मेदशिखर जी से मंगल विहार निमियाघाट पंचकल्याणक के लिये होने की संभावना है जो निमियाघाट शाम तक मंगल प्रवेश होगा।निमियाघाट में भब्य पंचकल्याणक अन्तर्मना के सानिध्य में होगा। उक्त जानकारी विवेक गंगवाल,कोलकोत्ता,कोडरमा मीडिया प्रभारी जैन राज कुमार अजमेरा ने दी।

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