जावरा । न्यायालय (श्रीमती उषा तिवारी) विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम द्वारा अपने निर्णय दिनांक 11.02.2023 को अभियुक्त नसरुद्दीन उर्फ नसरु खां मंसुरी पिता मो.हुसैन निवासी थाना कालुखेडा जिला रतलाम (म.प्र.) को धारा 354 के अपराध के अंतर्गत 01 सश्रम कारावास और ₹1000/-के अर्थदण्ड एवं धारा 323 के अपराध के अंतर्गत 04 माह कारावास और ₹1000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया
श्री विजय पारस, विशेष लोक अभियोजक पाॅक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम ने बताया कि दिनांक 21.05.2019 को थाना रिंगनोद की पुलिस चैकी ढोढर पर पीड़िता ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि पीडिता के पिता की पंचर बनाने की दुकान है, जहां पर पीडिता अपने पिता के साथ काम करती है। घटना दिनांक को दोपहर 02ः30 बजे पीड़िता के पिता रोज की तरह घर खाना खाने गए थे और पीडिता को दुकान पर देखरेख के लिए छोड़ गए थे। पीड़िता अपने दुकान की साफ-सफाई कर रही थी, तभी इसकी दुकान के पास ऑटो पार्ट्स की दुकान वाला नसरू उर्फ नसरूद्दीन मंसूरी पीड़िता की दुकान में आया और बुरी नियत से उसका बांया हाथ पकड़ा, पीड़िता चिल्लाई तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और पीड़िता को दुकान के अंदर कमरे मे रखे पलंग पर गिरा दिया और इसे झाडू से मारने लगा, जिससे पीड़िता के बांए हाथ में चोट लगी। उसके बाद नसरु पीड़िता के कपड़े फाड़ने की कोशिश करने लगा, इतने में पीड़िता के पिता मौके पर आ गए। जिन्हें देखकर नसरु पीड़िता की दुकान के पीछे वाले दरवाजे से भागने लगा और बोला कि, अगर इस बात की रिपोर्ट पुलिस में की तो तुझे जान से खत्म कर दुंगा, इसके बाद पीड़िता ने पूरी घटना अपने पिता और माता को बताई और उनके साथ रिपोर्ट चौकी ढोढर पर लिखाई। उक्त रिपोर्ट पर से आरोपी नसरू उर्फ नसरूद्दीन मंसूरी के विरुद्ध थाना रिंगनोद पर धारा 354, 323,506 भा.दं.सं. एवं धारा 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया जाकर अनुसंधान में लिया गया। अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय (पाॅक्सो कोर्ट) जावरा जिला रतलाम के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान माननीय विशेष न्यायालय के समक्ष आई साक्ष्य एवं अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्को के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाते हुए, आरोपी नसरू उर्फ नसरूद्दीन मंसूरी को धारा 354 के अपराध के अंतर्गत 01 सश्रम कारावास और ₹1000/- के अर्थदण्ड एवं धारा 323 के अपराध के अंतर्गत 04 माह कारावास और ₹1000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया । प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री विजय पारस जावरा जिला रतलाम द्वारा की गयी।