जो कठोर अनुशासन को हितकारी और कल्याणकारी मानता है उसी का उत्थान संभव है- राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

चित्तौड़गढ़ (जैन दिवाकर कमल विद्या तीर्थ सहनवा 24 फरवरी 2023) । प्रशिक्षक के अभाव में तीन लोक की संपत्ति भी आंतरिक प्रतिभा का विकास नहीं कर सकती उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने कल्याणी हॉस्टल में संबोधित करते कहा कि प्रशिक्षक हमारे लिए परमात्मा स्वरुप के समान है।
मुनि कमलेश ने बताया कि जो कठोर अनुशासन को हितकारी और कल्याणकारी मानता है उसी का उत्थान संभव है। उन्होंने कहा कि मंदबुद्धि वाले पशुओं मे भी प्रशिक्षण देने वाले मिलते हैं तो उनमें प्रतिभा का विकास हो जाता है तो इंसान को मिले तो इंसान में विकास निश्चित होगा।
राष्ट्रसंत ने बताया कि श्रद्धा समर्पण और कठोर परिश्रम को जीवन में अपना लेता है देवी शक्ति उसका साथ देती है। जैन संत ने कहा कि प्रशिक्षक जितना कुशल प्रखर और अनुभवी होगा उतना ही प्रतिभा का सुंदर निर्माण होगा। जैन दिवाकर कमल गौ सेवा संस्थान की ओर से संगीता चीपड मंजू नाहटाआशा चिपड़ रेखा बाबेल पिंकी श्रीमाल दिलखुश खेरोदिया निर्मला बम रीना बाफना उमराव मारु विद्यार्थियों के लिए खेल सामग्री उपलब्ध करवाई गई अखिल भारतीय जैन जी वाक्य विचार मंच नई दिल्ली जिला चित्तौड़गढ़ की ओर से मनीष बाबेल प्रकाश नाहर राजेश जैन पवन पटवारी भैरू लाल लोड़ा सुशील चिपड़ ने52 विद्यार्थियों को टी-शर्ट की घोषणा की संस्था की ओर से अध्यक्ष पुष्पा सालवी लहर बाई अनिल डक सत्यनारायण शर्मा देव बाला सालवी फाल्गुनी सालवी शिक्षा सालवी दिलीप सालवी विष्णु सालवी संतोष दक अतिथियों का स्वागत किया विद्यार्थियों का आवास निवास भोजन शिक्षा चिकित्सा निशुल्क अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली एवं कल्याणी हॉस्टल की ओर से निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है 25 और 26 फरवरी को मुनि कमलेश अहिंसा नगर औछड़ीचित्तौड़गढ़ रहेंगे।

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