

रांची । झारखण्ड की राजधानी राँची का सौभाग्य है की परम पूज्य अंतर्मना आचार्य 108श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ के चरण राँची में पड़े, उनकी तप साधना सम्पूर्ण विश्व के लिए मंगलकारी व सम्पूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायक है।
साधना महोदधि उभयमासोपवासी अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का संघ सहित भव्याती भव्य महाजुलूस के रूप में स्वागत हुआ, सेकडो की संख्या में पुरुष,महिलाए , बच्चे आचार्य श्री की अगवानी हेतु करमटोली चौक में उपस्थित थे ।रंग बिरंगे झंडे ,महिलाओं की स्कूटर रैली, भजन मंडली ,शोभा यात्रा में चार चांद लगा रही थी।हेमंत सेठी, आकाश सेठी,एवम उदित सेठी ने आचार्य श्री के स्वागत में अपने मधुर भजनों से उपस्थित गुरुभक्तो को झूमने पर मजबूर कर दिया। गुरुभक्तो के द्वारा जगह जगह पर आरती उतार कर एवम् पाद प्रक्षालन करअगवानी की गई। यात्रा प्रातः 7.00 बजे मेंडिका हॉस्पिटल से प्रारम्भ होकर करमटोली चौक, कचहरी चौक, फिरायालाल होते हुए जैन मंदिर अपर बाजार,से रातु रोड वासुपुज्य जिनालय में प्रवचन सभा में परिवर्तित हुई, आचार्य श्री के शिष्य द्वारा विनयांजलि हुई तत्पश्चात 105 क्षुल्लक श्री सहज सागर जी द्वारा गुरु महिमा का रसपान मिला फिर उपाध्याय 108 श्री पियूष सागर जी ने जीवन के पाँच तत्व की चर्चा हुई। आचार्य श्री ने अपने उद्बबोधन में धर्म और नियम की चर्चा कथा के माध्यम से की और शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर की वन्दना का महत्त्व बताया। प्रवचन सभा का संचालन समाज के सह मंत्री जैन पंकज पांड्या ने किया,बाहर से भी कई अतिथी पधारे उनका स्वागत किया गया और जशपुर (छत्तीसगढ़) समाज के लोगो द्वारा आचार्य संघ के समक्ष श्रीफल भेंटकर जशपुर आने का आग्रह किया ।इस अवसर पर समाज के गणमान्य अध्यक्ष जैन पदम छाबडा,मंत्री जैन सुभाष विनायका, संजय छाबडा,मनोज काला, पूर्व मंत्री अध्यक्ष तथा करीब 800 से 1000 की संख्या में लोगो की उपस्थिति देखी गई । यह जानकारी जैन सुरेश काशलीवाल /जैन राकेश काशलीवाल/कोडरमा मीडिया प्रभारी जैन राज कुमार अजमेरा द्वारा दी गई।