नवपद आयंबिल ओलीजी तपाराधना में बड़ी संख्या में आराधकों ने किया यह कठोर तप

समारोह आयोजित कर ट्रस्ट बोर्ड ने किया आयंबिल आराधकों का बहुमान

रतलाम। नौ दिवसीय एक वरण (पदार्थ) की नवपद आयंबिल ओलीजी तपाराधना का आयोजन पूर्ण हुआ। इस तप आराधना में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी बड़ी संख्या में आराधकों ने शामिल होकर आराधना करने का लाभ लिया। गौरतलब बात यह हैं कि रसेंद्रिय पर नियंत्रण करने वाला ही यह तप आराधना कर सकता हैं। रतलाम शहर में इस आराधना पर्व पर श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ट्रस्ट बोर्ड के तत्वावधान में आयंबिल शाला धनजी भाई के नोहरे में आयोजित आयंबिल ओलीजी आराधना पर्व के अंतर्गत आराधकों ने ओलीजी की। इस ‘वरण’ की आराधना में जैन धर्म के ध्वज के रंग के अनुसार पहले दिन चांवल, दूसरे दिन गेहूं, तीसरे दिन चना, चौथे दिन मूंग, पांचवे दिन उड़द एवं शेष चार दिन चांवल से अर्थात प्रतिदिन निर्धारित केवल एक ही अन्न से निर्मित (घी, तेल, दूध, दही, शकर, नमक, मिर्च, मसाला आदि रहित) मात्र उबला व सीका हुआ भोजन एक ही बैठक पर ग्रहण किया। ट्रस्ट बोर्ड ने तप आराधकों का बहुमान समारोह आयोजित किया। सर्व प्रथम नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप कर स्तवन की प्रस्तुति हुई। इस अवसर पर ट्रस्ट बोर्ड की ओर से आराधकों के तप की अनुमोदना एवं बहुमान कर भेंट दी गई। इस प्रसंग पर ट्रस्टी बाबूलाल सेठिया, प्रकाश मूणत, महेंद्र चाणोदिया के अलावा मदनसिंह मेहता, विनोद मेहता ने विचार व्यक्त किए। आयंबिल करवाने के लाभार्थी मदनसिंह मेहता का बहुमान ट्रस्ट बोर्ड व प्रकाशचंद्र नांदेचा ने एवं किरण बेन मेहता का मनोरमा तरसिंग व शारदा बेन घोटा ने बहुमान किया। आराधना के अंतर्गत 135 आराधकों में से 13 आराधक में सुनीता मूणत, शिरोमणि कोठारी, पूजा गांधी, रानी बंबोरी, सुशीला चत्तर, शारदा घोटा, संगीता भंडारी, सीमा गांधी, मनोरमा तरसिंग, कविता कटारिया, शीतल भरगट, सपना पिरोदिया व पुष्पा पगारिया ने पूरे नौ दिन केवल उड़द वरण (सामग्री) से आयंबिल किया। शेष 122 आराधकों ने प्रतिदिन वरण अनुसार आयंबिल तप एवं नीवी तप आदि किया। पारणा दिवस पर वर्षीतप आराधक एवं ओलीजी तप आराधधकों के पारणे हुए।
सराहनीय सेवा ने सभी का मन जीत लिया
आयंबिल भोजन व्यवस्था में बबिता चौपड़ा प्रतिदिन नियमित सरानीय सेवा दे रही है। वहीं नौ दिनों तक व्यस्ततम समय में से अमूल्य समय निकालकर पारणा समिति के संयोजक प्रकाशचंद्र नांदेचा एवं सदस्यगण निर्मल गोखरू, संजय चपड़ोद, बाबूलाल धम्माणी, राजेश सुराणा, प्रतिभा मूणत, सीमा मूणत, सुनीता मूणत, जयश्री चौरड़िया, मनीषा पितलिया, ईशिता चौपड़ा, हनी चौपड़ा, प्रियल पितलिया के अलावा लोकेश भैया, विकास पितलिया, उत्तम मूणत, हनी मूणत, राजेश बोरदिया, प्रवीण खुणिया आदि की सेवाएं अतुलनीय एवं अनुकरणीय रही। जिनकी ट्रस्ट बोर्ड एवं श्रीसंघ ने खूब प्रशंसा कर साधुवाद दिया। आयंबिल आराधकों को प्रतिदिन प्रभावना वितरित की गई। इस अवसर पर ट्रस्ट बोर्ड के सदस्य रंगलाल चौरड़िया, आजाद भंडारी, विनोद भंडारी, साधुमार्गीय संघ के अध्यक्ष सुदर्शन पिरोदिया, मंत्री दशरथ बाफना, ज्ञानगच्छ संघ के अध्यक्ष विजय पटवा, सुधर्मा सेवा के अध्यक्ष श्रेणिक चाणोदिया, धर्मदास जैन श्रीसंघ अध्यक्ष अशोक चतुर, मंत्री सोहनलाल रूनवाल के अलावा हंसमुख शाह, निखिल शाह, राजेश गांधी, सुशील गोलेचा आदि उपस्थित थे।

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